[pratapgarh] - सावधान: ट्रेन के छत पर बैठकर सफर करना पड़ सकता है जान पर भारी

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ट्रेन के छत पर बैठकर सफर करने वाले यात्री सावधान हो जाएं। इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाने के लिए हो रहे विद्युतीकरण में हाई वोल्टेज करंट को रेलवे के अफसरों ने दौड़ा दिया है। यह जरूर है कि अभी निर्माण कार्य के चलते इलेक्ट्रिक इंजन को नहीं दौड़ाया जा रहा है।

जंघई से रायबरेली के बीच डीजल इंजन को बंद कर इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाने के लिए रेल महकमे ने अपनी पूरी ताकत झोंक दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अक्तूबर माह तक इलेक्ट्रिक इंजन इस रेल मार्ग पर दौड़ने लगेंगे। इसकी पूर्ण तैयारी हो गई है। अमेठी से गौरीगंज के बीच तेजी से विद्युतीकरण हो रहा है। जंघई से अमेठी के बीच में विद्युत लाइन तैयार हो गया है। इस लाइन में 33 हजार केबीए का विद्युत सप्लाई भी चालू कर दिया गया है। मगर इसके बारे में अभी लोगों को जानकारी नहीं है। अफसर भी अभी चुप्पी साधे बैठे हैं। बहुत से युवक ऐसे हैं जो जान बूझकर ट्रेनों के छत पर बैठकर या फिर खड़े होकर अपनी यात्रा तय करते हैं। ऐसे में उन लोगों की जान को खतरा हो सकता है। आरपीएफ इंस्पेक्टर केएन पाठक ने बताया कि 33 हजार केवीए की विद्युत सप्लाई चालू कर दिया गया है। रेलवे का कहना है कि रेल लाइन के आस-पास रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है, अपने बच्चों को पकड़ कर रखें, लोहे के पोल को न छूने दें, सफर के दौरान ट्रेन के छत पर न बैठें अन्यथा जान का खतरा हो सकता है। उधर, विद्युती करण करवा रही कंपनी के एक कर्मचारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि अक्तूबर तक इलेक्ट्रिक लाइन तैयार हो जाएगी। बनारस से लखनऊ के बीच टेस्टिंग भी हो जाएगी। इसके बाद लखनऊ में बैठे अफसरों को रिपोर्ट दे दिया जाएगी। वैसे करीब-करीब विद्युती करण का कार्य पूरा हो चुका है।

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