[baran] - यूं ही रखी है करोड़ों की दवा, चूहे कुतर रहे हैं कार्टून व ओआरएस के पाउच

  |   Barannews

यूं ही रखी है करोड़ों की दवा, चूहे कुतर रहे हैं कार्टून व ओआरएस के पाउचहकीम पठानबारां. तापमान में तेजी होने के बावजूद दवाइयों की रखरखाव व्यवस्था को लेकर उदासीनता बरती जा रही है। इससे दवाइयों की गुणवत्ता प्रभावित होने का अंदेशा है। जिला चिकित्सालय परिसर स्थित जिला औषधि भंडार में करीब दो करोड़ से अधिक की दवाइयां रखी हुई है, लेकिन इन दवाइयों को मापदंडों के तहत सुरक्षित रखने के लिए उचित तापमान की व्यवस्था नहीं की हुई। हाल यह है कि प्रथम तल स्थित औषधि भंडार भरा होने के बावजूद एक भी एसी नहीं लगाया हुआ है। यहां दवाइयों के कार्टूनों व ओआरएस के पाउचों को चुहे कतर रहे हैं।कर्मचारियों के लिए लगा रखे हैं एसीभंडार के भू-तल व प्रथम तल पर दवाइयों के कार्टून भरे पड़े हंै, लेकिन पूरे भंडार में दवाइयों के लिए एसी लगाना तो दूर कूलर भी नहीं लगाए हुए है। गर्म हवा बाहर फेकने के लिए एग्जास्ट फैन व पंखे जरूर लगे हुए है, लेकिन उन्हें भी चलाया नहीं जाता। गुरुवार दोपहर को भू-तल व प्रथम तल के अधिकांश पंखे व एग्जास्ट फैन बंद मिले। भंडार में दवाइयों के लिए एसी नहीं है, लेकिन कर्मचारियों के कैबिन में एसी लगे हुए हंै। कुछ अतिमहत्वपूर्ण दवाओं के लिए एक छोटे कक्ष को कोल्ड रूम बनाया हुआ है।सही नहीं है यह स्थितिजिला औषधि नियंत्रण अधिकारी डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि जिला औषधि भंडार में दो एसी कर्मचारियों के केबिन में लगे हंै। यह स्थिति सही नहीं है। दवा रखे जाने वाले पूरे परिसर में एसी होना चाहिए। एसी नहीं है तो भी कूलिंग व्यवस्था अच्छी होना चाहिए। जिससे दवाइयों पर प्रतिकूल असर पड़े। तरल दवाओं में प्रिजरपेटिव ऐड होता है, गर्मी से उसके काम करने की क्षमता कम हो जाती है।प्रथम तल पर तो दवाइयों के कार्टूनों को अव्यवस्थित रूप से रखा जा रहा है। यहां ओआरएस के पाउच कार्टूनों से बाहर बिखरे हुए हैं तथा पाउचों को चूहे कतर रहे हैं। दोपहर चूहों द्वारा कुतरे गए कुछ पाउच तो कार्टून से बाहर मिले तथा ओआरएस का पाउडर फर्श पर बिखरा हुआ था। यहां चूहों को पकडऩे के लिए दो छोटे पिंजरे लगाए हुए हैं, लेकिन वेे पिंजरों में नहीं फंस रहे हैं। दोनों पिंजरे खाली पड़े हुए थे।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/JX257QAA

📲 Get Baran News on Whatsapp 💬