[jhalawar] - आईबी ऑफिसर की हत्या के मामले में हुआ एक और चौंकाने वाला खुलासा

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झालावाड़। गत 14 अप्रेल को दिल्ली के आईबी ऑफिसर चेतन प्रकाश गलाना की सदर थाना क्षेत्र के रलायता रेलवे पुलिया के निकट कांस्टेबल प्रवीण द्वारा की गई हत्या में प्रयुक्त जहर का इंजेक्शन एक चिकित्साकर्मी ने दोस्ती के खातिर उपलब्ध करवा दिया था। नये साल की रेव पार्टी में नशे के लिए उसने जहर के यह इंजेक्शन अपने दोस्त को तोहफे में भेंट कर दिए थे।

पुलिस ने आरोपी चिकित्साकर्मी को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को पुलिस उप अधीक्षक छगन सिंह राठौड़ ने बताया कि झालावाड़ के हाऊसिंग बोर्ड निवासी संतोष निर्मल जाटव वर्तमान में आर्थोपैडिक ट्रोमा सेंटर में ऑपरेशन थियेटर सहायक है। उसने संविदा पर राजकीय हीरा कुंवर महिला चिकित्सालय व संजीवनी अस्पताल में भी मेल नर्स का काम किया है। उसे ऑपरेशन प्रक्रिया में काम आने वाली निश्चेतक दवाओं की अच्छी जानकारी है।

ट्रोमा सेंटर में आने वाली सारी दवाईयों व उनकी देखरेख उसी के जिम्मे थी। केटामाईन ड्रग प्रतिबंधित दवा जो सिर्फ अस्पताल को ही आवंटित होती है, संतोष ने इन्ही में से दो केटामाईन के 10-10 एमएल 500-500 एमजी के इंजेक्शन प्रवीण को उपलब्ध करा दिए थे।

दोस्ती में नशे के खातिर दिया इंजेक्शन चिकित्साकर्मी संतोष निर्मल की मुख्य अभियुक्त प्रवीण राठौर से दोस्ती दोनों साथ जिम जाने, क्रिकेट खेलने के दौरान घनिष्ठ हो गई थी। इस दौरान प्रवीण ने एनेस्थेटिक दवाओं व उनके प्रभाव, लगाने के तरीके व कौनसी दवा फारेंसिक जांच में ना आ सके आदि की पूरी जानकारी संतोष से ले ली। कांस्टेबल प्रवीण ने उससे भष्ट्राचार के मामलों में पकड़े जाने वाले मुल्जिमों से सच उगलवाने व 31 दिसम्बर को रेव पार्टी में नशा करने के लिए दोस्त निर्मल से केटामाईन दवा मांगी। संतोष ने दोस्ती निभाते हुए ऑपरेशन थियेटर से दवा उपलब्ध करा दी।

अस्पताल प्रशासन से तफ्तीश की जाएगीकेटामाईन प्रतिंबंधित नशीली दवा है इसके गलत इस्तेमाल से इंसान की जान जा सकती है जो अधिकृत चिकित्सा संस्थान व ऐनेस्थेटिक चिकित्सक को आर्डर पर उपलब्ध होती है। ऐसे में ट्रोमा सेंटर से यह दवा किस तरह अपराधियों तक पहुंची इस सम्बंध में अस्पताल प्रशासन से तफ्तीश की जाएगी। मरीज को यह भार के अनुरुप दी जाती है इसमे एक किलो भार पर दो ग्राम का इस्तेमाल किया जाता है। जबकि करीब 70 किलो वजन के चेतन को एक हजार एमजी के इंजेक्शन दिए गए। इससे उसकी मृत्यु तुरंत निश्चित थी।

प्रवीण ने करा ली थी * पुलिस ने बताया कि चिकित्साकर्मी संतोष ने बताया कि प्रवीण ने दिसम्बर में ट्रोमा सेंटर में *** भी करवाई थी। उपाधीक्षक ने बताया कि उसने ऐसा क्यो किया इस दिशा में भी साजिश नजर आ रही है। अनुसंधान में व प्रवीण के पकड़ में आने के बाद स्थिति सामने आ जाएगी।

अनीता के बच्चे से लगाव चिकित्साकर्मी संतोष ने पूछताछ में बताया कि जब वह गायनिक पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में मेलनर्स था, उस समय मृतक चेतन की पत्नी अनीता के प्रसव के दौरान प्रवीण ने उससे कहा था कि सबसे पहले बच्चा मेरी गोद में ही देना। लेकिन अनीता का प्रसव ट्रोमा सेंटर की जगह संजीवनी अस्पताल में करवाया गया जिससे प्रवीण की हसरत पूरी नही हो सकी।

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