[nagaur] - कलश यात्रा के साथ शुरू हुई भागवत कथा

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मेड़ता सिटी. कंवरियाट गांव स्थित मरूधर केसरी मुनिश्वर गौशाला में शुक्रवार को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सात दिवसीय गोहितार्थ संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारम्भ हुआ। इस अवसर पर मंगल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें 1100 महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए चल रही थी। कलश यात्रा के कथा स्थल पर पहुंचने के बाद भागवत कथा शुरू हुई। श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर मुनिमहाराज की समाधि स्थल से बैण्ड-बाजों के साथ मंगल कलश यात्रा रवाना हुई। 1100 महिलाएं सज-धज कर सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए कथा स्थल पर पहुंची। ग्रामीणों ने जगह-जगह कलश यात्रा का पुष्प वर्षा से स्वागत किया। इस दौरान ड्रोन कैमरे से भी पुष्प वर्षा की गई। तेज गर्मी से बचने के लिए कलश यात्रा में शामिल करीब 2 हजार श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह शीतलपेय की व्यवस्था भी की गई। कलश यात्रा के दौरान कथा वाचक देवी ममता के शाही हाथी के आगे युवा शक्ति की ओर से हैरतअंगेज प्रदर्शन किया गया, इसे देख हर कोई दांतो तले अंगुली दबाने पर मजबूर हो गया। कलश यात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर मुख्य यजमान कृष्णगोपाल शर्मा ने श्रीमद्भागवत कथा की आरती उतारी। इस दौरान रामसिंह राजपुरोहित, चैनाराम अकोदिया, कथा प्रभारी हरेन्द्र गौड़, पं. पवन पाठक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष श्रद्धालु मौजूद थे।पहले दिन भागवत कथा का बताया महात्मय

व्यासपीठ पर विराजमान कथा वाचक देवी ममता ने कथा के पहले दिन श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का महात्मय बताया और प्रथम स्कन्द के प्रथम श्लोक के साथ कथा का शुभारंभ किया। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि गौमाता की सेवा करते हुए भगवान के नामों का गुणगान करते हैं तो उसका सौ गुना फल मिलता है। इसी के साथ राजा परीक्षित की कथा, धुंधुकारी का उद्धार एवं महाभारत के प्रसंगानुसार बाण शैय्या पर मरणासन्न अवस्था में भीष्म पितामह को भगवान श्रीकृष्ण तथा पाण्डवों की बातचीत आदि के प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान में तेज गर्मी पड़ रही है। गौमाता को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है, दर-दर प्यास के मारे भटक रही हैं, जहां तक संभव हो सके गांवों में प्रत्येक गौ भक्त को अपने घर के आगे पानी की खेली भरकर रखनी चाहिए। शास्त्रों में जलदान की विशेष महत्ता बतायी गई है। भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि जो भीषण गर्मी में जल का दान करता है, उसे एक करोड़ कपिला दान का पुण्य फल मिलता है। इस दौरान निर्मल महाराज ने भी धर्मसभा में प्रवचन दिए और गौ सेवा के लिए प्रेरित किया।सजीव झांकियों ने मोहा मन

श्रीमद भागवत कथा के दौरान जसवन्तगढ़ से पहुंची टीम की ओर से आकर्षक सजीव झांकियां सजाई गई। कथा के दौरान बाणों की शैय्या पर लेटे भीष्मपितामह, भगवान श्रीकृष्ण, अर्जुन आदि की सजीव झांकियां सजाई गई।

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