[tonk] - ऐतिहासिक फैसला... अब आखरी सांस भी निकलेगी जेल में! 6 साल की बालिका को बाड़े में ले जाकर किया था दुष्कर्म

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टोंक। विशिष्ट न्यायालय टोंक ने शुक्रवार को दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाते हुए सात अभियुक्तों को जीवन पर्यन्त तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। इन अभियुक्तों को न्यायालय ने सजा सुना कर जेल भेज दिया। इन सात में से पोक्सो एक्ट के तहत ये सजा एक अभियुक्त को हुई है। जबकि हत्या के मामले में न्यायालय ने 6 अभियुक्तों को भी यहीं सजा दी है।

ककड़ी खिला बाड़े में बालिका से किया दुष्कर्मविशिष्ट लोक अभियोजक देवीप्रकाश तिवाड़ी ने बताया कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त घाड़ थाना क्षेत्र के धुवांकला निवासी शिवजीलाल उर्फ श्योजी पुत्र किशनलाल मीणा है। पीडि़ता के अधिवक्ता अजय सिंह सोलंकी ने बताया कि 16 मार्च 2016 को 6 साल की मानसिक रोग से ग्रसित बालिका घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान आए आरोपी धुवांकला निवासी शिवजीलाल उर्फ श्योजी पुत्र किशनलाल मीणा ने उसे ककड़ी खिलाई और बाड़े में ले जाकर दुष्कर्म किया। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच कर न्यायालय में चालान पेश किया।

5 हजार रुपए का जुर्माना भीअभियोजन पक्ष की ओर से 19 गवाह तथा 29 दस्तावेज पेश किए गए। विशिष्ट लोक अभियोजक देवीप्रकाश तिवाड़ी ने बताया कि विशिष्ठ न्यायालय (लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण) अधिनियम के न्यायाधीश भंवर भदाला ने मामले की सुनवाई व दस्तावेज के बाद शिवजीलाल को दोषी माना और जीवन पर्यन्त जेल की सजा सुनाई। न्यायालय ने उस पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी किया।

दूसरा मामला... घेरकर किया था हमलावहीं दूसरा मामला देवली थाने के हिसामपुर गांव का है। जहां पुरानी रंजिश को लेकर 29 फरवरी 2012 को आरोपियों ने रामअवतार पुत्र बन्नालाल बलाई पर हमला कर दिया था। रामअवतार खेत स्थित कुएं पर लगे इंजन में डीजल डालकर घर आया था। इस दौरान घर के बाहर उसे आरोपी हिसामपुर निवासी सांवरा पुत्र मेवराम गुर्जर, धनराज पुत्र मुकना गुर्जर, सुगना पुत्र दयाल गुर्जर, शिवकरण पुत्र भोजा गुर्जर, रामकुंवार पुत्र मिश्रीलाल गुर्जर तथा मेवा पुत्र दयाल गुर्जर ने घेर लिया और कुल्हाड़ी व लकडिय़ों से हमला कर दिया। बाद में परिजन उसे लेकर देवली जा रहे थे। जहां रास्ते में बासटा गांव के समीप रामअवतार ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाह पेश किए गए। विशिष्ट न्यायाधीश (अजा,जजा, अ.नि. प्रकरण) भंवर भदाला ने मामले की सुनाई की ओर हिसामपुर निवासी सांवरा गुर्जर, धनराज गुर्जर, सुगना गुर्जर, शिवकरण गुर्जर, रामकुंवार गुर्जर तथा मेवा गुर्जर को हत्या में दोषी माना और उन्हें जीवन पर्यन्त जेल में रहने की सजा सुनाई। उन पर 15-15 हजार रुपए का जुर्माना भी किया।

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