[udaipur] - आयड़ थारो वो काम कठे...उदयपुर की इस नदी को बात हो रही है वेनिस की तरह विकसित करने की और हकीकत है ये..

  |   Udaipurnews

चंदन देवड़ा . कमल वसीटा/ उदयपुर. आयड़ नदी का विकास... एक चुनावी जुमला कहें या फिर जादू की वह छड़ी जो पांच साल तक बस घुमाई जाती है, कार्य कुछ होता नहीं है। हालात इस बार भी वैसे ही हैं। अफसरों ने गृहमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट बताकर कई बार बैठकें की, समीक्षाओं में कागजी प्रगति बताई गई, कभी किसे हडक़ाया तो कभी अंतिम चेतावनी देकर छोड़ दिया, लेकिन काम कछुआ चाल की तरह ही हो रहा है। गत मई माह में कलक्टर की बैठक में आरयूआईडीपी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने आश्वस्त किया था कि जून में पांच किलोमीटर तक कार्य कर देंगे, माह खत्म होने में दस दिन ही बचे हैं लेकिन कार्य का अता-पता नहीं। कड़वी हकीकत यह है कि 15 किलोमीटर तक कार्य करवाना है और अभी तक गाड़ी करीब 300 मीटर तक ही चल पाई है। नदी पेटे मे मलबा सफाई के बाद फिर से जलकुंभी पसर गई है जिससे आयड़ का उघड़ा पैंदा फिर ढंक गया है। पूरा कार्य ट्रंक लाइनों पर अटका है और उसमें लगातार देरी हो रही है। इसके अभाव में तो पाथ-वे के बारे में भी नहीं सोचा जा सकता।

आरयूआइडीपी का काम धीमा आयड़ के प्रथम चरण में जो एनिकट बन रहे है उसमे सबसे पहले करीब 139 नालों को जोड़ते हुए दोनो छोर पर 1700 मीटर की ट्रंक लाइन मे डालना है लेकिन यह काम धीमा चल रहा है जिससे बाकी के काम मे देरी होना तय है। आरयूआइडीपी को आयड़ प्रोजेक्ट के तहत कुल साढे अठारह किलोमीटर लाइन बिछानी है लेकिन पहले चरण में यह ऐजेंसी 40 प्रतिशत ही काम पूरा कर सकी है।

चार दिन पहले कार्य शुरू पहले चरण मे निगम दो एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) बना रहा है लेकिन अभी एक एसटीपी का काम चार दिन पहले शुरू हुआ है। एक एसटीपी आलू फेक्ट्री के पास करजाली कॉम्पलेक्स के पीछे 5 एमएलडी का बनेगा जिसका काम शुरू नही हो पाया है। जबकि एक अन्य एसटीपी 10 एमएलडी का एफसीआइ गोदाम के पास बनेगा जिसका काम शुरू हुए महज 4 दिन हुए है।

अधिकारियों के तर्क60 प्रतिशत एनिकट कार्य नवरत्न कॉम्पलेक्स से अलीपुरा पुलिया से ढाई सौ मीटर आगे तक करीब 5 किलोमीटर क्षेत्र में 6 स्थानों पर एनिकट बनाए जा रहे है। इसके लिए नगर निगम ने तीन एनिकट, यूआईटी ने दो एनिकट और गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के विधायक मद से एक एनिकट का निर्माण सिंचाई विभाग के मार्फत कराया जा रहा है। अभी तक 60 प्रतिशत कार्य ही हुआ।

बजट का खाकाआयड़ के प्रथम चरण के विकास के लिए जो 6 एनिकट बनने है उसके लिए 470 लाख 50 हजार का बजट व्यय होगा। इसमें निगम,यूआइटी और विधायक मद का पैसा लगेगा। सीवरेज की ट्रंक लाइनों के लिए आरयूआइडीपी की ओर से 125 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

राजनीतिक बोलयूआइटी के जिम्मे जो काम है, वे तेजी से चल रहे हैं। कोशिश तो यही है कि बारिश से पहले एनिकट निर्माण हो जाए। इससे यह भी पता चल जाएगा कि नदी मे ग्रेवल पाथ कहां तक बनाना है। रविन्द्र श्रीमाली, चेयरमैन, यूआइटीवाकई में आरयूआइडीपी का काम जिस गति से चल रहा है, वह आयड़ के विकास की हमारी सोच के विपरीत नजर आ रहा है। गृहमंत्री जी ने भी चिंता जताई है। चंद्रसिंह कोठारी, महापौर नगर निगम उदयपुर

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/gSzGTAAA

📲 Get Udaipur News on Whatsapp 💬