[bhilwara] - गलत शपथ पत्र देने पर किसानों के खिलाफ होगा मुकदमा दर्ज, गलत ऋण माफी पर बैंक पुन: करेगा वसूली

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भीलवाड़ा ।

सरकार की ऋण माफी योजना का लाभ लेते समय यदि किसानों ने गलत शपथ पत्र दिया तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगीा। यहां तक कि उनसे माफ किए गए ऋण की राशि वापस वसूली की जा सकती है। सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार ने ये आदेश दिया है।इन दिनों प्रदेश में किसानों को 50 हजार रुपए तक के ऋण माफी का प्रमाण पत्र दिया जा रहा है। लेकिन यह योजना आयकर देने वाले किसानों के लिए नहीं है। इसके लिए किसान से शपथ पत्र भरवाया जाता है।

सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार राजन विशाल ने किसी सहकारी बैंक की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि यदि किसान गलत जानकारी देकर ऋण माफी योजना का लाभ ले रहा है तो उनके खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420, 467 व 468 के तहत पुलिस में मामला दर्ज कराया जाएगा।

राजन ने अपने आदेश में कहा है कि गलत शपथ पत्र देने वालों के खिलाफ राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम 2001 की धारा 99 एवं 100 के तहत गलत से प्राप्त की गई माफी की राशि को सहकारी बैंक वसूल करेगा।

आधार के बिना नहीं मिलेगा ऋण माफी का लाभमृतक एवं स्थाई रूप से पलायन कर गए ऋणी किसान को छोड़कर अन्य पात्र किसान को ऋण माफी प्रमाण पत्र देने से पूर्व आधार या भामाशाह कार्ड की प्रति लेना आवश्यक है। जिन किसानों के पास दस्तावेज नहीं है, ऐसे किसान शिविर स्थल या ई-मित्र केंद्र पर आधार या भामाशाह पंजीयन करा आईडी नम्बर समिति व्यवस्थापक या शिविर प्रभारी को उपलब्ध कराने पर ऋण प्रमाण पत्र जारी किया जाए। मृतक किसान के मामले में सक्षम अधिकारी से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने के बाद ही उसका लाभ वारिसों को दिया जा सकता है। पलायन करने वाले किसानों को क्षेत्र के पटवारी या ग्राम सेवक के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र लेना होगा।

भीलवाड़ा में 101 करोड़ का ऋण वितरणकेन्द्रीय सहकारी बैंकों की ओर से किसानों को खरीफ सीजन में अब तक 3 हजार 370 करोड़ से अधिक का ऋण वितरित किया जा चुका है। सीसीबी के प्रबन्ध निदेशक अनिल काबरा ने बताया कि जिले की17 शाखाओं के माध्यम से 101.86 करोड़ का ऋण वितरण किया है।

दीर्घकालीन कृषि ऋण चुकाने पर 50 प्रतिशत ब्याज माफ भीलवाड़ा . प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों से दीर्घकालीन कृषि ऋण लेने वाले किसानों को राहत देते अवधिपार ऋण चुकाने पर ब्याज में 50 प्रतिशत तक की माफी की गई है। किसान 30 जून तक कृषि ऋणों का चुकारा करते है तो इस योजना का लाभ ले सकते है। प्रमुख शासन सचिव सहकारिता अभय कुमार ने आदेश में बताया कि किसानों की ओर से ऋण चुकारा करने में आ रही समस्याओं के ध्यान में रखते यह निर्णय किया है। सरकार ने ब्याज अनुदान की योजना का फायदा ज्यादा किसानों को मिलें, इसके लिए ऋण वितरण को बढ़ाना है। कम ब्याज पर अधिक ऋण देकर किसानों की कृषि एवं अकृषि आवश्यकताओं को पूरा करना है।

योजना में उन सभी किसानों को फायदा दिया है जिन्होंने प्रदेश की 36 प्राथमिक भूमि विकास बैंकों एवं उनकी 133 शाखाओं से दीर्घकालीन कृषि एवं अकृषि ऋण लिया है। जिन किसानों का एक जुलाई 2017 को ऋण अवधिपार हो चुका है ऐसे किसानों की ओर से 30 जून तक ऋण चुकाने पर ब्याज में 50 प्रतिशत की छूट दी। ऐसे ऋणी किसानों को उनके दण्डनीय ब्याज एवं वसूली खर्च की राशि को भी शत प्रतिशत माफ किया है। उन्होंने बताया कि ऐसे अवधिपार ऋणी किसानों की मृत्यु हो गई हैं, तो मृत्यु की दिनांक से संपूर्ण बकाया ब्याज, दण्डनीय ब्याज व वसूली खर्च को पूरा माफ किया गया है। किसान समय पर ऋण चुकाकर इस छूट योजना का लाभ ले सकता है।

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