[champawat] - टनकपुर-नेपाल सीसी मार्ग निर्माण की टैक्नीकल बीट खुली, तीन ठेकेदारों ने डाले टेंडर

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टनकपुर (चंपावत)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 1991 में नेपाल के साथ हुई संधि के तहत टनकपुर से नेपाल को सड़क संपर्क से जोड़ने व टनकपुर बैराज से नेपाल को सिंचाई के लिए पानी देने की कवायद तेज हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी के गत 11 मई को नेपाल दौरे के मद्देनजर टनकपुर से नेपाल को सड़क से जोड़ने को आनन-फानन में मंजूर हुई सड़क की टेक्निकल बिड खुल गई है, जिसमें तीन ठेकेदारों ने निविदा डाली है। कार्यदायी विभाग द्वारा टेक्निकल बिड में योग्य ठेकेदारों का चयन कर जल्द फाइनेंशियल बिड आमंत्रित की जाएगी। नेपाल के साथ हुई संधि अमल न किए जाने पर नेपाल की आपत्ति के बाद सरकार ने संधि की शर्तों पर अमल के लिए तेजी से काम शुरू किया है। प्रधानमंत्री के गत 11 के नेपाल दौरे से पूर्व प्रदेश के अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने सीमा क्षेत्र का दौरा करने के साथ ही नेपाल का सड़क से जोड़ने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। जिसका नतीजा यह रहा कि प्रधानमंत्री के दौरे से महज दो दिन पूर्व सड़क निर्माण के लिए वनापत्ति का निस्तारण कर सड़क निर्माण को हरी झंडी दे दी गई। कार्यदायी विभाग पीआईयू (परियोजना क्रियान्वयन इकाई) ने सड़क निर्माण की निविदा आमंत्रित कर दी। करीब 6.74 करोड़ की लागत से प्रस्तावित 1.3 किमी लंबे व 5.5 मी चौड़े डेढ़ लेन सीसी मार्ग निर्माण के लिए आमंत्रित की गई निविदा में तीन ठेकेदारों ने टेंडर डाले हैं। कार्यदायी विभाग पीआईयू के जेई हरीश जोशी ने बताया कि गत 19 जून को टैक्नीकल बीट ओपन कर दी गई है, जिसमें तीन ठेकेदार कंपनियों ने निविदा डाली है। उन्होंने बताया कि टैक्नीकल बीट में योग्या ठेकेदार कंपनियों से जल्द ही फाइनेंशियल बिड आमंत्रित कर ठेका योग्य ठेकेदार को ठेका आवंटित कर दिया जाएगा। टेक्निकल बिड में योग्य ठेकेदारों से जल्द आमंत्रित की जाएगी फाइनेंशियल बिडतीन माह के अंदर होना है टनकपुर बैराज से नेपाल को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण तीन माह में पूरा करना है सड़क का निर्माण टनकपुर। टनकपुर बैराज से नेपाल को जोड़ने वाले सीसी मार्ग निर्माण की अवधि तीन माह तय है। यानि कि ठेका आवंटित होने के बाद कार्यदायी ठेका कंपनी को तीन माह के अंदर सड़क का निर्माण पूरा करके देना है। सड़क के साथ चैनल के निर्माण की भी कवायद हुई तेज टनकपुर जल विद्युत परियोजना के निर्माण के वक्त नेपाल के साथ 1991 में हुई संधि के तहत न सिर्फ सड़क का निर्माण बल्कि नेपाल को सिंचाई के लिए जलापूर्ति को 1.2 किमी लंबी चैनल (नहर) का भी निर्माण करके देना है। सड़क निर्माण के साथ ही शासन स्तर पर अब चैनल निर्माण की कवायद भी तेज हो गई है। बृहस्पतिवार को डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ले चैनल निर्माण से संबंधित सभी बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए हैं।

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