[chhatisgarh] - निलंबित अफसर बोले-जियो ने पाइप तोड़ा इससे गंदे पानी की सप्लाई, और जांच खत्म

  |   Chhattisgarhnews

गंदे पानी की समस्या पिछली गर्मियों में शुरू हुई। तब नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल के वार्ड भ्रमण में शिकायतों का अंबार लग गया। मंत्री ने हफ्ते भर में समस्या हल करने कहा। चेतावनी बेअसर रही, तो नल जल विभाग के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता भागीरथी वर्मा को सस्पेंड करते 28 अगस्त 2017 को आरोप पत्र जारी किया गया। कहा गया कि बुनियादी सहूलियत के काम में लापरवाही दंडनीय है। शासन और निगम की छवि धूमिल हो रही है। आरोप पत्र के जवाब में वर्मा ने लिखा कि रिलायंस जियो इन्फोकॉम द्वारा केबल बिछाने के दौरान पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते गंदे पानी की सप्लाई हुई। 21 मई 2018 को शासन ने सस्पेंडेड अफसर के जवाब को मान्य करते हुए उनके खिलाफ जांच समाप्त कर दी। इसी तरह सीवेज सेल के तत्कालीन प्रभारी कार्यपालन अभियंता पीके पंचायती के खिलाफ सीवेज परियोजना के बेतरतीब क्रियान्वयन से जर्जर हो रही सड़कों के मामले में 16 जून 2014 को निलंबन की कार्रवाई की गई। उन्होंने भी अपने जवाब में सारी जिम्मेदारी सिंप्लेक्स पर डाल दी। जवाब मान लिया गया और जांच समाप्त कर दी गई।

**जानिए किन आरोपों पर सस्पेंड किए गए थे एसई वर्मा और ईई पंचायती

**

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/R-XSLwAA

📲 Get Chhattisgarh News on Whatsapp 💬