[chittorgarh] - ऐसा क्या किया घपला की एसीबी को दर्ज करना पड़ा सीडीपीओ सहित पांच के खिलाफ मामला दर्ज

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चित्तौडगढ़. आंगनबाड़ी केन्द्रों में सिर्फ पांच माह में ही पोषाहार में ४७ लाख रुपए से ज्यादा के घपले को लेकर महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी बड़ीसादड़ी व महिला पर्यवेक्षकों सहित पांच जनो के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो चित्तौडग़ढ़ में प्रकरण दर्ज हुआ है। ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजीलाल मीणा ने बताया कि १८ अप्रेल २०१८ को महिला बाल विकास कार्यालय (सीडीपीओ ऑफिस) बड़ीसादड़ी का औचक निरीक्षण कर वहां से रिकार्ड जब्त किया था। ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि इस कार्यालय में पिछले तीन माह में पोषाहार के नाम पर करीब पचास लाख रुपए के बिलों का भुगतान उठाया गया है, जिसमें अनियमितताएं बरती गई। यहां से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आपूर्ति किए जाने वाले पोषाहार में अनियमितताएं पाई गई। इस कार्रवाई अगले दिन १९ अप्रेल २०१८ को इंंटेलीजेंसी उदयपुर, एसीबी चित्तौडग़ढ़ व प्रतापगढ की टीमों ने बड़ीसादड़ी क्षेत्र में आंगनबाड़ी केन्द्र भाणुजा प्रथम, पिण्ड प्रथम, अचलपुरा, काली मगरी व खेरमालिया, सांगरिया प्रथम, सांगरिया द्वितीय, चारणखेड़ी, सोमपुर प्रथम, सोमपुर द्वितीय का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खुलासा हुआ कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बालक-बालिकाए, धात्री व गर्भवती महिलाओं का पंजीयन ज्यादा है, लेकिन मौके पर बहुत कम उपस्थित मिली। रिकार्ड में कई जगह काट-छांट की हुई मिली। पोषाहार आपूर्ति को लेकर जो चालान की प्रतियां स्वयं सहायता समूह के पास होनी चाहिए थी, वे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास पाई गई। ब्यूरो की टीम ने इन आंगनबाड़ी केन्द्रों से चालान बुकें, स्टॉक रजिस्टर, उपस्थिति पंजिका, मांग पत्र सहित कई दस्तावेज जांच के लिए जब्त किए थे। आंगनबाड़ी केन्द्र सोमपुर द्वितीय की उपस्थिति पंजिका में फरवरी माह में ३१ तारीख की भी हाजिरियां लगा रखी थी। इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला इस मामले में ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी बड़ीसादड़ी घनश्याम गौड़, जिनके पास महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी बड़ीसादड़ी का चार्ज था, के खिलाफ, रतन वर्मा, महिला पर्यवेक्षक किरण शर्मा व सरोज जैन तथा संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व पोषाहार आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बड़ीसादड़ी क्षेत्र में कुल १४५ आंगनबाड़ी केन्द्र हैं, जहां ३५ स्वयं सहायता समूह पोषाहार सप्लाई करते हैं।पांच माह का रिकार्ड जब्तब्यूरो ने पोषाहार सप्लाई को लेकर पांच माह यानी अक्टूबर २०१७ से फरवरी २०१८ तक का रिकार्ड जब्त किया था, जिसमें ४७ लाख ३५ हजार ७६३ रुपए का भुगतान होना पाया गया। जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपियों ने मिलीभगत कर बिना पोषाहार सप्लाई व नामांकित बच्चे अनुपस्थित होने के बावजूद रजिस्टर में हाजिरी दर्शाकर बिलों का भुगतान करवाकर राजकोष को नुकसान पहुंचाया। कई आंगनबाड़ी केन्द्र ऐसे भी थे, जहां एक भी बच्चा उपस्थित नहीं मिला, फिर भी रजिस्टर में हाजिरी लगा रखी थी।गुणवत्तायुक्त नहीं था बेबी मिक्सएसीबी की जांच में यह भी सामने आया कि आंगनबाडिय़ों को सप्लाई किया गया पोषाहार बेबीमिक्स भी गुणवत्ता युक्त नहीं था।पूरा रिकार्ड जब्त हो तो करोड़ों का घपलाबड़ीसादड़ी क्षेत्र के मात्र दस आंगनबाड़ी केन्द्रों के पांच माह के रिकार्ड की जांच में ही पचास लाख से ज्यादा के घपले का खुलासा हो चुका है। यदि जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों के दो साल के रिकार्ड की जांच हो तो आशंका जताई जा रही है कि घपले की यह राशि करोड़ों तक पहुंच सकती है।

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