[dausa] - श्रीराम महायज्ञ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

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लालसोट.

डिडवाना गांव के पंचमुखी हनुमान मंदिर में नवकुंडात्मक श्रीराम महायज्ञ की पूर्णाहुति शुक्रवार को हुई। कार्यक्रम में पचास हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। करीब आधा किमी क्षेत्र में फैले आयोजन स्थल पर दिनभर हनुमानजी के ही जयकारें गूजंते रहे। सुबह दस बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे लग गई और दोपहर करीब एक बजे पूर्णाहुति के दौरान तो आयोजन स्थल पर पचास हजार की संख्या पहुंच गई। नौ हवन कुंडों पर आचार्य दिवाकर मिश्रा ने सभी यजमानों को वैदिक मंत्रोच्चार केे बीच आहुतियां दिलाई। श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा लगाकर मन्नत मांगी। आयोजन को सम्पन्न कराने के लिए डिडवाना, रालावास, टोरड़ा, खारीवाड़ा, देहलाल, अमराबाद एवं बीड़ोली समेत कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीण अलग अलग व्यवस्थाओं को अंजाम देते रहे।

पूर्व मंत्री शैलन्द्र जोशी समेत सैकड़ों की संख्या में संत भी पहुंचे। यज्ञ समिति के संरक्षक अवधेशदास, यज्ञकर्ता संत रघुनाथदास, अध्यक्ष दीपक पटेल ने सभी संतों का सम्मान किया।

धर्म संसद का आयोजन: श्रीराम महायज्ञ समापन के मौके पर धर्म संसद का भी आयोजन किया गया। इसमे एक दर्जन से अधिक महामंडलेश्वर व राष्ट्रीय संत शामिल हुए। संतों ने कहा कि आज धर्म के नाम पर अधर्म का बोलबाला अधिक है। आज लोग अपने स्वार्थ में इतने अंधे हो गए कि वे माता- पिता को वृद्धाश्रम में भेज रहे है। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम व अनाथ आश्रम समाज के लिए कंलक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आदमी को सुबह उठ कर अपने माता-पिता को प्रणाम करन चाहिए। धर्म संसद को जूना अखाड़ा के संत भरतपुरी, संत बालेश्वरदास, ब्रह्मचार्य, संत बालकदास, स्वामी घनश्यामाचार्य, ज्ञानशरण, संत रघुवीरदास, संत रामरतनदास समेत कई संतों ने भी विचार प्रकट किए। संचालन शंभूलाल कुई वाला ने किया।

पांच पीपल के विवाह को लेकर दिखा जोश महायज्ञ स्थल पर ठाकुरजी का पांच पीपल का साथ विवाह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ। इस मौके पर गांव के जगदीश मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर व गोपाल मंदिर से गाजे बाजे के साथ ठाकुरजी बारात रवाना हुई। पीपल विवाह को लेकर भी ग्रामीणों में खासा जोश दिखाई दिया। ग्रामीण बैंड बाजे की धुनों पर नाचते गाते दिखाई दिए। पंच मुखी हनुमान मंदिर पहुंचने पर पांचों बारात का स्वागत किया गया। इसके बाद ठाकुरजी व पीपल का पाणिग्रहण संस्कार संपन्न हुआ।

भंडारें में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने जीमी प्रसादीमहायज्ञ के दौरान प्रतिदिन आयोजित होने वाले प्रसादी भंडारे में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। प्रसादी भंडारे की व्यवस्था देखने वाले बजरंगलाल भरतड़ा ने बताया कि पूर्णाहूति पर आयोजित भंडारे में करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण की। इसके लिए करीब 150 हलवाइयों की टीम ने 20 भट्टियों पर दिन रात काम करते हुए प्रसादी तैयार की है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भंडारे लिए करीब 60 क्विंटल चीनी, 15 क्विंटल दाल, 60 क्विटंल आटे से प्रसादी तैयारी की गई। पांडाल में देर रात्रि तक प्रसादी वितरण का काम जारी रहा। (नि.प्र.)

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