[dehradun] - वाहन चलाते समय अगर मोबाइल पर बात की तो...

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अब न निलंबन न चेतावनी सीधे लाइसेंस होगा निरस्त ब्यूरो/अमर उजाला देहरादून। वाहन चलाते समय अगर मोबाइल पर बात की तो बिना किसी चेतावनी के आपसे वाहन चलाने का अधिकार छीन लिया जाएगा। इस संबंध में हाईकोर्ट ने सरकार को इस संबंध में अधिसूचना जारी करने के आदेश दिए हैं। अब तक ऐसे मामलों में पहली बार में लाइसेंस का निलंबन, दूसरी बार में चेतावनी और तीसरी बार ऐसा अपराध करने पर लाइसेंस निरस्त किया जाता है। इन अपराधों में मोबाइल पर बात करने के अलावा पांच अपराध और शामिल हैं। गौरतलब है कि बढ़ती वाहन दुर्घटनाओं के मद्देनजर डेढ़ साल पहले इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए थे। जिनमें सभी राज्यों को सड़क सुरक्षा कमेटी बनाकर यातायात के नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा था। इसके तहत राज्य में व्यवस्था की गई थी कि यदि कोई वाहन चालक ड्राइविंग के समय मोबाइल पर बात करता है तो उसका लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। हालांकि, इससे पहले उसे दो बार मौके दिए जाते हैं। पहली बार यदि कोई पकड़ा जाता है तो उसके लाइसेंस को आरटीओ भेजकर तीन महीने के लिए निलंबित किया जाता है। इसके बाद यदि दोबारा इसी अपराध में पकड़ा जाता है तो आरटीओ के माध्यम से इस लाइसेंस पर चेतावनी की टिप्पणी लिखी जाती है। बावजूद इसके यदि वह तीसरी बार वही अपराध करता है तो उसका लाइसेंस आरटीओ में निरस्तीकरण के लिए भेज दिया जाता है। यहां से यह रिपोर्ट कोर्ट जाती है और फिर कोर्ट में निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू होती है। अब हाईकोर्ट के जो आदेश हैं उनमें किसी प्रकार की कोई मोहलत नहीं मिलेगी। हाईकोर्ट का कहना है कि वाहन चलाते वक्त मोबाइल पर बात करने वालों का तत्काल प्रभाव से लाइसेंस निरस्त किया जाए। इसके लिए जल्द अधिसूचना जारी करने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं। जब तक अधिसूचना जारी नहीं होती तब तक पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाने के आदेश दिए हैं। ताकि इस भारी जुर्माने के डर से लोग यातायात नियमों का पालन सीख सकें। इन अपराधों में है निरस्तीकरण का प्रावधान (तीन बार करने पर) - वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने पर - ओवर स्पीड में वाहन चलाने पर - शराब पीकर वाहन चलाने पर - रैश ड्राइविंग करने पर - रेड लाइट जंप करने पर - ओवरलोड वाहन चलाने पर ----5000 से ज्यादा हुए निलंबित संभागीय परिवहन अधिकारी सुधांशु गर्ग ने बताया कि कमेटी के प्रावधानों के बाद से अब तक देहरादून जनपद में ही लगभग 5000 लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। इसके अलावा लगभग 1000 लाइसेंस धारकों को चेतावनी दी गई है। इनमें सबसे लंबी अवधि छह महीने के लिए शराब पीकर वाहन चलाने वाले का लाइसेंस निलंबित होता है। छह माह में 142 नाबालिगों ने तोड़े नियम हाईकोर्ट ने नाबालिग वाहन चालकों के संबंध में भी कड़े आदेश दिए हैं। कहा है कि नाबालिगों को किसी भी प्रकार का लाइसेंस जारी न किया जाए। बता दें कि 16 से 18 वर्ष के बीच के नाबालिगों को बिना गियर वाले वाहन चलाने के लिए लाइसेंस जारी किए जाते हैं। ऐसे में अगर इन नाबालिगों के कारनामों पर गौर करें तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आते हैं। ट्रैफिक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी से अब तक कुल 142 नाबालिग विभिन्न यातायात नियमों का उल्लंघन कर चुके हैं। सभी के माता-पिता को मौके पर बुलाकर चेतावनी दी गई है।-----------------अब तक सड़क सुरक्षा कमेटी के निर्देशानुसार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होती है। यह कमेटी सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बनाई गई थी। अब हाईकोर्ट ने जो आदेश दिए हैं, उनसे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों में कार्रवाई का डर रहेगा। - अशोक कुमार, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ------------------

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