[harayana] - बिना एनअाेसी जमीन से पानी नहीं निकाल सकेंगे उद्योग; प्रदेश के 13 जिलाें के 36 ब्लॉक डार्क जोन में

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साेनीपत.अाैद्योगिक, निर्माण और माइनिंग फर्म को अब भू-जल दाेहन के लिए अनुमति लेनी हाेगी। भू-जल निकालने के लिए सेंट्रल ग्राउंड वाटर एथॉरिटी (सीजीडब्ल्यूए) से एनअाेसी लेनी जरूरी कर दी गई है। इसके लिए 30 जून तक अाॅनलाइन अावेदन किए जाने की तारीख तय की है। एनओसी नहीं लेने और अवैध तरीके से भू-जल दाेहन करने वाले उद्योगों और फर्म पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीजीडब्ल्यूए के चेयरमैन अखिल कुमार की तरफ से निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेश में अत्याधिक भू-जल दाेहन की वजह से भूमिगत जल संकट गहराता जा रहा है। 13 जिलाें के 36 ब्लॉक डार्क जोन घोषित किए जा चुके हैं। डाइंग एवं अन्य इंडस्ट्री खूब जल दोहन कर रही है। अध्ययन के मुताबिक राज्य के 44212 वर्ग किलोमीटर भूमिगत जल क्षेत्र में से 5342 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में भूमिगत जल का स्तर 25 मीटर से अधिक नीचे चला गया है, जबकि 13899 वर्ग मीटर में भूमिगत जल का स्तर 10 से 20 मीटर पर चला गया। 16356 किलोमीटर क्षेत्र में भूमिगत जल का स्तर 6 से 12 मीटर है। 7997 वर्ग किलोमीटर भूमिगत जल का स्तर 4 से 6 मीटर पर है, जबकि सिर्फ 1218 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र ही ऐसा है जहां भूमिगत जल का स्तर 0 से 4 मीटर तक है।

दो अहम योजनाओं से सुधार के प्रयास

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