[hathras] - पुनर्मतगणना में हीरेश नौ मतों से जीते

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हाथरस। न्यायालय के आदेश के बाद उपजिलाधिकारी सदर अरुण कुमार सिंह ने शुक्रवार को ब्लॉक मुरसान की ग्राम पंचायत वाद अठवरिया की पुनर्मतगणना कराई गई। पूर्व में प्रधान पद के लिए विजयी घोषित किए गए केशवदेव शर्मा इस बार नौ मतों से हार गए। उनको 469 मत मिले जबकि प्रतिद्वंद्वी हीरेश यादव के 478 को मत निकले। उपजिलाधिकारी ने इस आशय का अपना आदेश भी पारित किया। पंचायत चुनाव की मतगणना में एक मत से पराजित घोषित होने के बाद हरीश यादव ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान ग्राम पंचायत वाद अठवरिया की मतगणना में केशव देव शर्मा के 481 व हीरेश यादव को 480 मत होना पाया गया था। जिससे तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी ने केशवदेव शर्मा को एक मत से प्रधान निर्वाचित घोषित किया गया था। इसके विरोध में हीरेश यादव ने उसी समय निर्वाचन अधिकारी के सामने री-काउंटिंग कराई। लेकिन कई बार भी केशवदेव शर्मा को ही निर्वाचन अधिकारी ने विजयी घोषित किया था। इसके विरोध में हरीश यादव ने न्यायालय में उक्त मामले में अपील दायर कर निष्पक्ष अधिकारी के माध्यम से री-काउंटिंग की मांग की।

न्यायालय से मिली री-काउंटिंग के आदेश के बाद कई बार उच्च न्यायालय से स्टे की कार्रवाई भी हुई। लेकिन दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने इस मामले में पुन: मतगणना के आदेश जारी किए। न्यायालय आदेश के बाद उपजिलाधिकारी सदर अरुण कुमार सिंह ने शुक्रवार को अपनी उपस्थिति में मतगणना कराई गई। इस दौरान उपजिलाधिकारी ने संदिग्ध मतपत्रों को निरस्त किए जाने के बाद केशवदेव शर्मा के 469 मत वैध पाए गए।

जबकि हीरेश यादव के वैध मतों की संख्या 478 पाई गई। इस प्रकार हीरेश यादव को 9 मतों से विजयी घोषित किया गया। न्यायालय के आदेशों के क्रम में अन्य प्रत्याशियों के मतों की गणना नहीं की गई। किसी भी प्रकार के विवाद से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा। दोनों पक्षों के समर्थकों की भी भारी भीड़ तहसील परिसर में जमी रही।

हारे प्रधान प्रत्याशी ने जताई आपत्ति

ग्राम पंचायत वाद नगल अठवरिया के हारे हुए प्रत्याशी केशवदेव ने मतगणना के बाद उपजिलाधिकारी को अपनी आपत्ति दी है। उनका आरोप है कि मतगणना के लिए न्यायालय द्वारा निर्धारित किए गए अधिकारियों में से एक भी मतगणना में उपस्थित नहीं रहा। उनके वैध मतों को मनमाने तरीके से निरस्त मतों में सम्मलित कर दिया है तथा अन्य प्रत्याशियों के मतों की कोई गिनती नहीं की गई है। मनमाने तरीके से उसे हराने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि निरस्त किए गए मतों की वीडियोग्राफी भी नहीं कराई गई है। उन्होंने पुन: निष्पक्ष मतगणना कराए जाने की मांग की।

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