[jaipur] - जयपुर के इस इलाके में क्यों आते थे फिल्मी सितारे, पढ़िये पूरी खबर

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जयपुर

चौड़ा रास्ता में गोलछा सिनेमा के सामने की ओर स्थित है दवा बाजार, जहां से केवल जयपुर ही नही बल्कि पूरे राज्य भर में दवाओं की सप्लाई होती है। विभिन्न प्रकार की दवाओं का यह थोक बाजार है। जिसमें सैकड़ो दवाओं की दुकानें हैं। इस बाजार के इतिहास की बात करें तो सन 1980 से पहले ये इलाका फिल्म कॉलोनी के नाम से जाना जाता था। तब यहां फिल्मों से जुड़े विभिन्न प्रकार के कामों को अंजाम दिया जाता था। उस समय फिल्मों के डायरेक्टरों व फिल्मी सितारों का भी अनजाना यहां लगा रहता था। यहीं पर लोगों के मनोरंजन के लिए मयूर सिनेमा भी चलता था। लेकिन 1980 के बाद से यहां दवाओं का कारोबार शुरू होने लगा। धीरे धीरे यहां शहर भर के दवा व्यपारियों ने यहां का रुख किया। जिसके बाद से इस मार्किट को दवा बाजार का नाम मिल गया।

कभी था फिल्मी सितारों से आबाद , आज बदहाल

कभी फिल्मी सितारों से आबाद रहने वाला यह इलाका आज बदहाल है। स्थानीय दवा विक्रेताओं के मुताबिक वर्तमान में दवा मार्किट में सबसे बडी समस्या पार्किंग की बन गई है। जगह चिन्हित न होने के कारण लोग बेतरतीब पार्किंग कर देते हैं। हालात यह हैं कि बाजार की तंग गलियों में सैकड़ो की संख्या में दोपहिया वाहन खड़े रहते हैं । बचे हुए कुछ फुट के मार्ग पर दवाओं की सप्लाई करने आने वाले लोडिंग वाहन जगह को घेर लेते हैं। हमेशा यहां जाम जैसी स्थिति ही बनी रहती है। जिससे पैदल चलने वालों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बाजार की दूसरी बड़ी समस्या पब्लिक टॉयलेट की है। जिसके अभाव में व्यपारियों तथा खरीदारी करने आए लोगों को यहां वहां भटकना पड़ता है। बाजार में कई जगह कचरे के ढेर लगे रहते हैं साथ ही पेयजल की भी कोई सुविधा नही है।

हेरिटेज का काम भी अब तक अधुरा

जयपुर नगर निगम दवा मार्किट के इस बाजार को हेरिटेज वॉक वे के तौर पर विकसित कर रहा है। लेकिन सालों से चल रही ये योजना अब तक अपने अंजाम तक नही पहुंच पाई है। स्थिति यह है कि यहां लगे हेरिटेज पत्थर और लाइटें भी अब क्षतिग्रस्त होने लगी हैं।

फेक्ट फाइल

बाजार की शुरुआत 1980कुल दुकानें 470केमिस्ट एसोसिएशन की स्थापना 1958

समस्याएं

पार्किंग गन्दगीअधूरा हेरिटेज वॉकपेयजलपब्लिक टॉयलेट

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