[jaunpur] - कैबिनेट मंत्री के आदेश के बाद भी लिपिक नहीं हुए रिलीव

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जौनपुर। कैबिनेट मंत्री प्रो. रीता बहुगुणा जोशी के आदेश के तीन दिन बाद भी सीएमओ कार्यालय में तैनात लिपिकों को रिलीव नहीं किया जा सका। इससे लिपिकों की पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है। वैसे लिपिक अपने ही बुने जाल में खुद फंस गए और उन्हें अब प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वापस जाना होगा। सीएमओ कार्यालय में मलाईदार पदों पर तैनाती को लेकर बोली लगती है। सीएमओ की जो जितनी अधिक डिमांड पूरी कर दे, उसे उतना ही महत्वपूर्ण पद दिया जाता। पूर्व सीएमओ डा. ओपी सिंह के करीबी लिपिक को भ्रष्टाचार निवारण संगठन वाराणसी की टीम ने घूस लेते पकड़कर जेल भेज दिया। लिपिक के जेल जाने के बाद उस पद को लेने की होड़ लिपिकों में शुरू हुई। कुछ ही दिन बाद सीएमओ की भी विदाई जिले से हो गई तो एक दूसरे लिपिक को मलाईदार पद दे दिया गया। यह बात अन्य लिपिकों को नागवार लगी और उन्होंने पूर्व सीएमओ के करीबी एक विधायक से प्रभारी मंत्री प्रो. रीता बहुगुणा जोशी से समीक्षा बैठक के दौरान शिकायत करा दी। संबद्घता का नाम सुनते ही प्रभारी मंत्री चौंक गई और बोली मुख्यमंत्री का निर्देश है कि किसी भी कर्मचारी की संबद्घता अवैध है फिर कैसे लिपिकों की संबद्घता की गई। बैठक में मौजूद डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने सीएमओ को 24 घंटे के अंदर रिलीव करने का निर्देश दिया। लेकिन सीएमओ ने लिपिकों का भय बताया और कहा कि अकेले ऐसा संभव नहीं है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि मेरा निर्देश है, उसके बाद भी आपकी बात समझ में नहीं आ रही है। जो भी हो लिपिकों को सीएमओ अभी रिलीव नहीं कर पाए हैं। पदों को लेकर खींचतान और मोल भाव चल रहा है। इस संबंध में सीएमओ रामजी पांडेय का कहना है कि 12 लिपिकों का कागजी कोरम पूरा नहीं हो सका है। उनसे चार्ज वापस लेने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद उन्हें रिलीव कर दिया जाएगा।

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