[jhansi] - जांच समिति गठित, सिस्टर इंचार्ज से स्पष्टीकरण तलब

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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी स्टाफ की लापरवाही से हुई मासूम बच्चे की मौत के मामले में प्राचार्य ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। इमरजेंसी ओटी की सिस्टर इंचार्ज से स्पष्टीकरण तलब किया है। सीएमएस ने शुक्रवार को इमरजेंसी पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल भी की।

टीकमगढ़ के पहाड़ी खुर्द निवासी अमर सिंह (8) को कुएं में गिरने से घायल होने पर बुधवार की रात मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। कॉलेज में पहले तो बच्चे का एक्सरे नहीं हो सका। तीन घंटे बाद परिजन अमर का एक्सरे कराकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तो उसका आपरेशन करने में देरी की गई। समय बीतता गया और ढाई-तीन घंटे बाद मासूम की मौत हो गई। ‘अमर उजाला’ ने शुक्रवार के अंक में यह मामला प्रमुखता से उठाया, तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आया।

सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या शुक्रवार की सुबह इमरजेंसी पहुंचे। वहां उन्होंने कर्मचारियों से पूछताछ की और दस्तावेजों की पड़ताल की। उन्होंने बताया कि प्राचार्य ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। साथ ही इमरजेंसी ओटी की सिस्टर इंचार्ज से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। तीन दिन में सिस्टर इंचार्ज को अपना जवाब देना होगा।

सख्त कार्रवाई की मांग

जनसूचना अधिकार मंच ने बच्चे की मौत पर सीएमएस को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संस्था अध्यक्ष मुदित चिरवारिया ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में कभी डॉक्टर तो कभी स्टाफ की लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ रही है। कई मामलों में जांच कमेटी गठित की गई, लेकिन सबूतों को नजरअंदाज करके डॉक्टर और कर्मचारी को बचाया गया। कार्रवाई नहीं होने से बुलंद हौसले की वजह से बृहस्पतिवार को एक और बच्चे की मौत हो गई। मामले की जांच यदि सिटीजन चार्टर के अनुसार निर्धारित समय में पूरी नहीं की गई या दोषी कर्मचारियों को बचाया गया तो स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर शिकायत की जाएगी।

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