[lalitpur] - जिले में 512 खेत तालाबों का होगा निर्माण, सिंचाई के बढ़ेंगे साधन

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खुद के खेत में बनाएं तालाबसिंचाई के बढ़ेंगे साधन, किसान नहीं होंगे परेशान512 तालाबों के निर्माण का रखा गया है लक्ष्यअमर उजाला ब्यूरोललितपुर। किसानों को अब फसलों की सिंचाई के पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा । वे अपने ही खेत में तालाब खुदवाकर सिंचाई का इंतजाम कर सकते हैं। शासन ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में 512 खेत तालाबों का निर्माण कराने का लक्ष्य रखा है। इसके आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कुछ स्थलों पर खुदाई का काम भी प्रारंभ हो गया है। भूगर्भ जलस्तर में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए वर्षा जल के संचयन पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, इन्हीं में से एक खेत तालाब योजना है। इस योजना के पीछे शासन की मंशा है कि किसानों के लिए सिंचाई के आसान साधन उपलब्ध कराना है।वैसे भी बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई की समस्या बनी रहती है। इस योजना से किसानों को फसलों की सिंचाई करना आसान हो जाएगा। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 512 खेत तालाबों की खुदाई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 256 खेत तालाब ललितपुर और इतने ही खेत तालाब महरौनी क्षेत्र में बनाए जाएंगे। मध्यम तालाब 35 मीटर गुणा तीस मीटर गुणा तीन मीटर एरिया में बनाया जाएगा। इसकी लागत दो लाख 28 हजार चार सौ रुपये रखी गई है। इसी तरह छोटा तालाब 22 मीटर गुणा 20 मीटर गुणा तीन मीटर क्षेत्र में निर्माण किया जाएगा। इसकी लागत एक लाख चार हजार आठ सौ रुपये तय की गई है। दोनों ही तालाब के निर्माण में 50 प्रतिशत अनुदान का प्राविधान किया गया है। अनुदान की राशि किसानों के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है। यही नहीं, किसान को ही इसका निर्माण कराना होता है, जिन किसानों ने खेत तालाब योजना का लाभ ले लिया है, उन्हें आने वाले समय में स्प्रिंकलर सेट देने की भी योजना है। इतने बनेंगे छोटे और मध्यम तालाब ललितपुर क्षेत्र में 181 मध्यम और 75 छोटे तालाबों का निर्माण किया जाएगा। इतने ही छोटे व मध्यम तालाब महरौनी क्षेत्र अंतर्गत बनाए जाएंगे। इस योजना में 1147 किसानों ने दिलचस्पी दिखाई। इनमें से कुल पांच सौ बारह आवेदन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर चयनित किए गए हैं। अवशेष किसानों को प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है। सूची के अनुमोदन में फंसा पेच खेत तालाब योजना में जिनको लाभार्थी बनाया है, उनकी सूची के अनुमोदन में विभागीय अफसरों को पसीना छूट रहा है। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने भूमि संरक्षण अधिकारियों से लाभार्थियों की खतौनी भी मांग ली है। इससे अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। गत दिवस सीडीओ शिवनारायण ने भी सूची के अनुमोदन में हो रही लेटलतीफी पर नाराजगी जाहिर की थी। बता दें कि इस योजना में आवेदन करने वाले कृषकों का पंजीयन होना चाहिए। इसके अलावा उनका नाम, ग्राम का नाम, ब्लाक का नाम, मोबाइल नंबर भी मांगा जा रहा है। मछली पालन भी कर सकते हैं किसानखेत तालाब बहुद्देशीय योजना है। किसान इसमें सिंचाई के साथ मछली पालन भी कर सकते हैं। इस समय चालीस खेत तालाबों पर काम शुरू हो गया है। बजट के आधार पर तालाबों के निर्माण की पूर्ति की जाएगी। डा. रामऔतार, भूमि संरक्षण अधिकारी ललितपुर

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