[ludhiana] - पहले शराब पिलाई, फिर दातर से काट दिया था संतोष का गला

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16 हजार के लिए शराब पिलाकर दातर से काटा था संतोष का गलाशाव खुर्दबुर्द करने के लिए तरपाल में लपेट खाली प्लाट में फेंकाएक आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार, आरोपी से हथियार बरामदअमर उजाला ब्यूरोलुधियाना। चार दिन पहले जसपाल बांगड के एक खाली प्लाट में मिले क्षतविक्षत शव का मामला पुलिस ने हल कर लिया है। मृतक जसपाल बांगड का रहने वाला संतोष यादव था। महज 16 हजार रुपये के लिए संतोष की हत्या कर दी गई। शव खुर्दबुर्द करने के लिए तरपाल में लपेट कर फेंका दिया। साहनेवाल की पुलिस ने संतोष की हत्या का एक आरोपी पकड़ लिया है। जबकि मुख्य आरोपी अभी फरार है। पकड़ा गया आरोप संतोष शाह है, जो मुख्य आरोपी शत्रुघ्न उर्फ राज किशोर का भाई है। शत्रुघ्न को पकड़ने के लिए पुलिस छापामारी कर रही है। पकड़े गए आरोपी से हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है। आरोपी पुलिस रिमांड पर है। उससे पूछताछ की जा रही है। डीसीपी अश्वनी कपूर, एडीसीपी संदीप शर्मा ने बताया कि यह केस ब्लाइंड था। जब शव बरामद हुआ, तो उसके पास से कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो सके। इसलिए 72 घंटों के लिए शव मोर्चरी में रखकर, पहचान करने की कोशिश की गई। जिसके लिए एसएचओ सतविंदर सिंह ने सभी थाना, चौकियों में सूचना दे दी। जिसके बाद सुलिंदर यादव नाम का व्यक्ति पुलिस के पास आया और कहा कि उसका बेटा पिछले चार दिन से लापता है। जिसके बाद पुलिस ने उसे शव की पहचान कराई। जोकि संतोष का निकला। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।संतोष का शत्रुघ्न से था पैसों का लेन-देनपुलिस का कहना है कि सुलिंदर यादव ने बताया कि उसका बेटा संतोष यादव और शत्रुघ्न पहले फेस-7 स्थित एक फैक्टरी में काम करते थे। उस समय संतोष ने शत्रुघ्न से कुछ पैसे उधार लिए थे। जो वह बार-बार उससे मांग रहा था।15 जून को संतोष गया था शत्रुघ्न के घरसंतोष 15 जून को शत्रुघ्न से मिलने के लिए गया था। इस दौरान शत्रुघ्न ने उसे अपने क्वार्टर में बुलाया। जहां पहले उन्होंने शराब पी, इसके बाद शत्रुघ्न ने संतोष से अपने 16 हजार रुपये मांगे। संतोष ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं है। इस बात को लेकर दोनों में बहस हो गई और उसके बाद शत्रुघ्न ने क्वार्टर में पड़े दातर से संतोष का गला काट दिया। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।शत्रुघ्न ने शव ठिकाने लगाने के लिए भाई को लिया साथपुलिस का कहना है कि संतोष यादव की हत्या शत्रुघ्न ने कर दी थी। इसके बाद उसने भाई संतोष शाह को बुलाया और शव ठिकाने लगाने के लिए मदद मांगी। इसके बाद दोनों ने एक तिरपाल में संतोष यादव का शव लपेट लिया, क्वार्टर में साफ-सफाई कर उसके शव को देर रात बाइक पर रख कर ले गए। उन्होंने शव को जसपाल बांगड़ के पास एक खाली प्लाट में फेंक दिया। उसकी पहचान न हो, इसलिए उसका चेहरा भी बिगाड़ दिया और जेब से दस्तावेज निकाल लिए।

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