[meerut] - कैमरों के काट दिए तार, जाम छलकाने बैठते हैं ‘चार यार’

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लेकिन ये सभी आठ कैमरे अब बंद पड़े हैं। ऐसे में शाम को दिन ढलते ही वहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। लोग वहां जाम छलकाने लगते हैं। चौकीदार कभी नदारद रहते हैं तो कभी असामाजिक तत्वों के दबाव में कुछ बोल नहीं पाते हैं। अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को नगर निगम परिसर का दौरा किया। जहां निगम परिसर में जगह जगह लगे कैमरों के तार कटे मिले।

एस माह ही चले ठीक

नगर निगम में कैमरे के लिए दो कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। चार कैमरों को शिकायत कंट्रोल रूम में लगाए गए कंप्यूटरों से जोड़ा गया है। एक माह तक सब कुछ ठीक चला, लेकिन उसके बाद सभी कैमरों के तार काट दिए गए।

स्क्रीन ही हो गई गायब

गैराज, नगर स्वास्थ्य विभाग के स्टोर परिसर में लगाए गए चार कैमरों के लिए नगर स्वास्थ्य विभाग के स्टोर रूम को कंट्रोल रूम बनाया गया था। जहां पर एक स्क्रीन लगाई गई थी। यहां पर मौके पर जहां चारों कैमरे खराब मिले वहीं कंट्रोल रूम से स्क्रीन ही गायब हो गई।

असामाजिक तत्व लगा चुके हैं आग

दो साल पहले नगर निगम के रिकॉर्ड रूम में असामाजिक तत्वों ने आग लगा दी थी। जिसमें नगर निगम का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जलकर राख हो गया था। उसके बाद ही तत्कालीन नगरायुक्त ने अपने कार्यालय और अपर नगरायुक्त की बिल्डिंग पर चार कैमरे लगवाए थे। ताकि निगम परिसर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर निगाह रखी जा सके। असामाजिक तत्वों ने एक माह बाद ही कैमरों के तार काट दिए।

हो गया था स्क्रैप चोरी

नगर निगम परिसर में वर्कशॉप और नगर स्वास्थ्य विभाग का स्टोर है। पूर्व में स्टोर से जलकल विभाग के पंपों से स्क्रैप चोरी की घटनाएं उजागर हो चुकी हैं। सरकारी संपत्ति को लूटपाट से बचाने के लिए निगम प्रशासन ने चार माह पहले रिक्शा गैराज, स्टोर परिसर, वर्कशॉप परिसर में चार कैमरे लगवाए थे। लेकिन चारों कैमरे बंद पड़े हैं। बताया जा रहा है कि कैमरों में तकनीकि खराबी चल रही है। सूत्र यह भी बताते हैं कि निगम परिसर में शाम होते ही नशा करने वालों में निगम के कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं। कुछ ऐसे ही लोगों ने कैमरों को खराब कर दिया है।

माह में एक दर्जन से अधिक वाहन होते हैं चोरी

नगर निगम में प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपनी जनसमस्याएं लेकर पहुंचते हैं। कुछ चौपहिया और कुछ दो पहिया वाहनों से आते हैं। नगर निगम के ठीक सामने ही थाना देहली गेट है। आंकड़ों के अनुसार निगम परिसर से प्रत्येक माह करीब एक दर्जन वाहन चोरी होते हैं। वह अलग है कि थाना पुलिस इसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं करती।

अगर कैमरे खराब कर दिए गए हैं तो जवाब तलब किया जाएगा। अब कैमरे निगम परिसर में ही नहीं बल्कि प्रत्येक कार्यालय में भी लगवाए जाएंगे। इनका कंट्रोल रूम नगरायुक्त कैंप कार्यालय पर बनाया जाएगा। ताकि यही से सभी पर निगरानी रखी जा सके। मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।

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