[muzaffarnagar] - मरीज का गुर्दा निकालने पर बखेड़ा

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मुजफ्फरनगर। पथरी के ऑपरेशन के लिए भर्ती किए गए मरीज का गुर्दा निकालने को लेकर जैन मिलन विहार स्थित गर्ग हास्पिटल में जमकर हंगामा हुआ। मरीज के परिजनों ने डॉक्टर पर गुर्दा निकालने का आरोप लगाया। वहीं, डॉक्टर विभू गर्ग का दावा है कि मरीज की जान बचाने के लिए उसके परिजनों की सहमति के बाद गुर्दा निकाला गया है। हंगामे के चलते पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लेते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं, सीओ मंडी व सीएमओ का कहना है कि डॉक्टर के दावे की पूरी तरह पड़ताल करने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

मीरापुर के मोहल्ला मुश्तर्क निवासी इकबाल उर्फ सुक्खा (60) की किडनी में 15 एमएम की पथरी थी, जिसे निकालने के लिए परिजनों ने उसे शुक्रवार सुबह नई मंडी क्षेत्र के जैन मिलन विहार स्थित गर्ग हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। शाम के समय इकबाल का ऑपरेशन होना था, जिसके लिए डॉक्टर ने करीब आधा घंटे का समय परिजनों को दिया था। इकबाल के बेटे इमरान का कहना है कि ऑपरेशन शुरू होने के बाद डॉक्टर ने उनसे आनन-फानन में दो यूनिट ब्लड मंगाया। इसके बाद आधा घंटे के ऑपरेशन में तीन घंटे का समय लगाया गया।

आरोप है कि ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने बिना परिजनों को बताए ऑपरेशन के दौरान इकबाल के शरीर से उसका एक गुर्दा निकाल लिया। आरोप है कि ऑपरेशन के बाद डॉक्टर गर्ग उक्त गुर्दे को लेकर चुपचाप हास्पिटल से अपनी गाड़ी से जा रहा था। इसकी भनक लगने पर परिजनों ने डॉक्टर की कार को रोककर उससे गुर्दा छीन लिया। इसके बाद डॉक्टर से गुर्दा निकालने के बारे में पूछताछ की गई, तो उन्होंने वहां से भागने का प्रयास किया, जिसे पकड़ लिया गया। इसके बाद परिजनों ने हॉस्पिटल में हंगामा शुरू कर दिया।

हंगामे की सूचना पर नई मंडी इंस्पेक्टर हरशरण शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और गुस्साए तीमारदारों को शांत करते हुए डॉक्टर को हिरासत में ले लिया। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ मंडी योगेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्षों से मामले की जानकारी ली। इसके बाद डॉक्टर को थाने ले जाया गया, जहां मरीज के बेटे इमरान ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इंफेक्शन होने की पहले ही दे दी थी जानकारी

ऑपरेशन के दौरान गुर्दा निकालने के गंभीर आरोप का सामना कर रहे गर्ग हॉस्पिटल के डॉक्टर ने पूछताछ में बताया कि पथरी के दौरान मरीज के गुर्दे में इंफेक्शन हो गया था, जिसकी जानकारी उन्हें ऑपरेशन के दौरान हुई। ऐसे में ऑपरेशन करते समय इन्फेक्शन के चलते मरीज का काफी खून बह गया, जिसकी जानकारी परिजनों को देते हुए उनसे दो यूनिट ब्लड मंगाया गया। इसके बाद भी मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। उसकी जान बचाने के लिए एक बार फिर से परिजनों की सहमति लेकर ही मरीज का गुर्दा निकाला गया, जिसे ऑपरेशन के तुरंत बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया था।

डॉक्टर की गलती मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई : सीओ

गर्ग हॉस्पिटल में मरीज का गुर्दा निकाले जाने के मामले में सीओ मंडी योगेंद्र सिंह का कहना है कि डॉक्टर पर किडनी निकालने का गंभीर आरोप है। इसकी चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी, जिसके बाद किसी भी स्तर पर यदि डॉक्टर की गलती मिली तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मरीज की कराई जाएगी हर जांच: सीएमओ

गुर्दा निकालने के गंभीर मामले में सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा का कहना है कि डॉक्टर पर किडनी निकालने का आरोप है। ऐसे में संबंधित मरीज जांच व सभी जरूरी टेस्ट कराए जाएंगे। यदि डॉक्टर की लापरवाही मिली तो कार्रवाई कराने के साथ हॉस्पिटल पर कार्रवाई की जाएगी।

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