[nagaur] - लीकेज पाइपलाइन से व्यर्थ बह रहा पानी

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संखवास. कस्बे के निकटवर्ती गांव दियावड़ी में जलदाय विभाग की पाइप लाइन लीकेज होने से रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। गांव में जलापूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पाई है, उधर, विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही के चलते रोजाना कई जगह लीकेज से कीमती पानी बर्बाद हो रहा है। गांव में ग्रामीणों को पानी ही नसीब नहीं हो रहा है। ग्रामीण नरसिंह पिचकिया ने बताया की गांव में बोरिंग से पेयजल टंकी तक आ रही पाइप लाइन कई दिन से लीकेज होने से रोजाना हजारों लीटर पानी की बर्बाद हो रहा है। उन्होंने बताया कि पाइप लाइन के लीकेज को ठीक करवाने के लिए जलदाय विभाग के कर्मचारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई ध्यान नहीं देने से पानी बर्बाद हो रहा है। यह पानी पास में ही तालाब के मीठे पानी में मिलकर तालाब का पानी खऱाब कर रहा है। इतना ही नहीं जलदाय विभाग के एक माह से ताला लगा हुआ है, और नलकूप को ऑटो मोड पर कर रखा है। बिजली आती है तो मोटर चालू हो जाती है और बिजली बंद होने पर मोटर बंद हो जाती है। ग्रामीण लिछमण, शिवदान, पप्पूराम, धन्नाराम, प्रहलाद, खींयाराम ने बताया की जलदाय विभाग के कार्यालय में किसी ने भी यहां किसी कर्मचारी को नहीं देखा है।

‘विचारों में निराश उच्चता की ओर नहीं ले जाती’डेह. रामस्नेही रामद्वारा में संत आनंदी राम आचार्य ने कहा कि कमजोर नीव पर ऊं चा मकान खड़ा नहीं किया जा सकता है, ठीक इसी प्रकार यदि विचारों में उदासीनता, नैराश्य अथवा कमजोरी हो तो जीवन की गति कभी भी उच्चता की ओर नहीं हो सकती है। वे रामस् नेही रामद्वारा में शुक्रवार को प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निराशा का अर्थ ही लडऩे से पहले हार स्वीकार कर लेना है और एक बात याद रख लेना निराश जीवन में कभी भी हास, प्रसन्नता का प्रवेश नही हो सकता और जिस जीवन में हास ही नहीं उसका विकास कैसे संभव हो सकता है। जीवन रूपी महल में उदासीनता और नैराश्य ऐसी दो कच्ची ईटें हैं, जो कभी भी इसे ढहने अथवा तबाह करने के लिए पर्याप्त है। अत: आत्मबल रूपी ईंट जितनी मजबूत होगी जीवन रूपी महल को भी उतनी ही भव्यता व उच्चता प्रदान की जा सकेगी।

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