[patiala] - राजपुरा में हर दसवां व्यक्ति है ब्लड डोनर

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राजपुरा में हर दसवां व्यक्ति है ब्लड डोनर100 से ज्यादा संस्थाएं एकत्र करती हैं 10 हजार यूनिट रक्तवरिष्ठ समाज सेवी प्रदीप नंदा कर चुके हैं 109वीं बार रक्तदानसुदेश तनेजाराजपुरा। मेरे पिता कहते थे कि देश में लाखों लोग ऐसे होते हैं जो खून न मिलने से अपनी जान गवां देते हैं, जबकि एक बार किसी व्यक्ति को खून देने के बाद न तो कमजोरी होती है और न ही खून की कमी, अगर हम अपना खून स्वेच्छा से दान कर दें तो कई जिंदगियां रोशन हो सकती हैं। इसलिए अपने पिता की प्रेरणादायक बातों पर विचार करते हुए 1978 में केवल 18 वर्ष की आयु में पटियाला के विक्रम कालेज में अपने सहपाठियों के साथ पहली बार रक्तदान शिविर लगाया और खुद से पहल करते हुए 51 यूनिट रक्त एकत्र कर ब्लड बैंक में जमा कराया यह विचार राजपुरा के वरिष्ठ समाज सेवी प्रदीप नंदा ने राजपुरा में 109वीं बार रक्तदान करते हुए कहे। इतना ही नहीं रक्तदान करने वाले प्रदीप नंदा डब्ल्यूएचओ की कार्यकारिणी के सदस्य होने के साथ कई ब्लड डोनर संस्थाओं से भी जुड़े हैं, उन्हें 8 बार डीजीपी पंजाब, तीन बार पंजाब के गवर्नर बीकेएन छिब्बर सहित इलाके की कई समाज सेवी संस्थाएं उन्हें सम्मानित कर चुकी हैं। प्रदीप नंदा के पिता गंगा राम बहावलपुरी ने इलाके में समाज सेवी कार्यो के साथ रक्तदान करने वालों को भी सम्मानित करने का अपना सोशल मंच बना रखा था100 से ज्यादा संस्थाएं कर रहीं कामसमाज सेवा के कार्यों में राजपुरा हमेशा अग्रणी रहा है। जिसके चलते रक्तदान कर लोगों की जान बचाने में भी सबसे आगे है राजपुरा का हर दसवां व्यक्ति या तो रक्तदान कर चुका है या रक्तदान करने का इच्छुक हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजपुरा में पूरे वर्ष लगने वाले विभिन्न रक्तदान शिविरों में 10 हजार से भी ज्यादा यूनिट रक्त एकत्र कर एपी जैन सिविल अस्पताल राजपुरा, राजिंद्रा अस्पताल पटियाला, जीएमसीएच सेक्टर-32 चंडीगढ़, पीजीआई चंडीगढ़ के अलावा नीलम सहित प्राइवेट अस्पतालों के ब्लड बैंकों में जमा कराया जाता है। इसके लिए इलाके की 100 से ज्यादा समाज सेवी संस्थाएं कार्य कर रही हैं और कुछ लोग तो ऐसे हैं, जो वर्ष में चार बार तक रक्तदान करना अपना धर्म समझते हैं।सुनील पुरी भी कर चुके हैं 105 बार रक्तदानराजपुरा के नौजवानों के साथ युवतियां, बुजुर्ग व महिलाएं भी भारी संख्या में रक्तदान कर समाज को प्रेरित करने का प्रयास करती रहती हैं राजपुरा के सुनील पुरी भी 105 बार रक्तदान कर चुके हैं पुरी को प्रेरणा उस समय मिली जब उनकी पत्नी एक सडक़ हादसे में घायल हो गई थी एक यूनिट तो खुद पुरी ने पत्नी के लिए दे दिया लेकिन और खून न मिलने से वह बेहद परेशान हो गए। अपनी पत्नि की पीढ़ा को देखते हुए उन्होंने ब्लड डोनर क्लब बनाने का जिम्मा उठाया वह जज्बा आज तक जारी है ब्लड डोनर क्लब ने 300 युवाओं को स्थायी सदस्यता दी हुई है। इन युवाओं को नियमित रक्तदाताओं के साथ जरूरत पड़ने पर बुलाया जाता है। शहर की महावीर क्रांती सेवा संघ, निरंकारी मिशन, डेरा सच्चा सौदा ग्रीन ब्रिगेड, जायंट्स, रोटरी व लायंस क्लब, न्यू प्रेस क्लब के अलावा केवल ब्लड डोनेशन के लिए बनी संस्थाएं भी इसमें शामिल हैं।अस्पताल में 24 घंटे उपलब्ध रहता है रक्तसिविल अस्पताल राजपुरा ब्लड बैंक की इंचार्ज डॉ. अंजू खुराना ने बताया कि मरीजों के लिए 24 घंटे रक्त उपलब्ध है। अगर किसी मरीज के साथ डोनर नहीं होता तो उसे फौरन रक्त दे दिया जाता है इसके अलावा इमरजेंसी में भी उन लोगों की लिस्ट भी ब्लड बैंक के पास है। जो रक्तदान के लिए हर समय तैयार हैं।

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