[pratapgarh] - प्रतापगढ़ में छत गिरने से किशोर की मौत

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इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर स्थित स्थानीय बाजार में एक मकान की छत भरभराकर गिर पड़ी। मलबे में दबने से किशोर की मौत हो गई, जबकि चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। हाईवे निर्माण कराने वाली संस्था के कार्यों से आक्रोशित पब्लिक ने जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन ने किसी तरह समझाबुझाकर लोगों को शांत करा दिया। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने निर्माण कराने वाली कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग को फोरलेन बनाने का काम चल रहा है। सड़क की सीमा के भीतर आने वाले मकानों को हाईवे का निर्माण कराने वाली संस्था ने अपने संसाधन से तोड़ा था। इसके चलते अधिकांश मकान जर्जर हो चुके हैं। गुरुवार रात व्यापारी अरविंद कुमार ऊमरवैश्य का बेटा गौरव (15), सौरभ (12) और भतीजा भरतलाल (24) पुत्र रामजी मकान के बाहरी हिस्से में चारपाई पर सो रहे थे। रात लगभग एक बजे अचानक जर्जर मकान की छत व दीवारें ढह गईं। मामूली रूप से घायल सौरभ बाहर की ओर भागा। उसकी चीखपुकार सुन परिवार के लोगों के साथ ही आसपास के लोग दौड़ पड़े। मलबे को जब हटाया गया, तब तक गौरव की सांसें थम चुकी थीं। गंभीर रूप से घायल भरतलाल को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। इस दौरान हादसे के लिए लोग कार्यदायी संस्था को जिम्मेदार बता हाईवे जाम करने का प्रयास करने लगे। नायब तहसीलदार सदर अब्दुल हई और मानधाता पुलिस ने लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया। इस मामले में अरविंद की तहरीर पर पुलिस ने निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था जीआरआईएल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।

घर में सोने वालों के सिर पर मंडरा रही मौत

इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग के चौड़ीकरण का काम करने वाली संस्था ने उन लोगों का मकान गिरवा दिया। जिनका निर्माण हाईवे की जमीन पर गिराया गया था। ऐसे मकानों का भले ही कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त किया गया था लेकिन मकान का पूरा हिस्सा जर्जर हो चुका है। इसके बावजूद लोग अपनी जान हथेली पर रखकर ऐसे मकानों में रहते हैं। घर में रहने वाले लोगों के सिर पर हमेशा खतरा मंडराती रहती है। दिन में अपना कारोबार में समय गंवाने वाले दुकानदार रात में बेखौफ सोते हैं। फिलहाल बीती रात हुई घटना में किशोर की जान जाने के बाद बाजारवासी भयभीत हो गए हैं। अब लोग सुरक्षा के इंतजाम में जुट गए हैं।

पांच सौ से अधिक मकानों को किया है क्षतिग्रस्त

हाईवे के किनारे बने पुराने व नए लगभग पांच सौ मकानों को क्षतिग्रस्त किया जा चुका है। भुपियामऊ से लेकर जनपद की सीमा देल्हूपुर तक लगभग पांच सौ मकानों में तोड़फोड़ कार्यदायी संस्था ने की है। कुछ लोगों ने खुद अपना मकान व दुकान क्षतिग्रस्त किया। चूंकि जिन मकानों में जेसीबी लगाकर अतिक्रमण वाला हिस्सा गिराया गया है। इसके चलते पूरा मकान जर्जर हो चुका है। अरविंद का मकान एक माह पूर्व तोड़ा गया था।

रोलर चलते ही मकानों में होने लगता है कंपन

हाईवे के चौड़ीकरण कार्य में लगी मशीनों के चलने से भी लोगों की जान सांसत में रहती है। लगातार उड़ने वाली धूल लोगों को बीमार बना रही है। बताते हैं जब सड़क के निर्माण में रोलर चलाया जाता है तो मकानों में कंपन होने लगता है। यहां तक कि बीमार व्यक्ति की दहशत में नींद तक खुल जाती है

विश्वनाथगंज बाजार के जर्जर मकानों में लोग खुद अपनी जान जोखिम में डालकर रहते हैं। कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।

रमेशचंद्र, सीओ रानीगंज।

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