[sirsa] - किसानों को सरकार का झटका, कहा क्लेम नहीं प्रीमियम ही मिलेगा ब्याज समेत

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सरकार को किसानों की बजाए बीमा कंपनियों की अधिक चिंता: भारूखेड़ा अमर उजाला ब्यूरो ओढां। पिछले कुछ समय से फसलों के क्लेम के लिए कार्यालयों की खाक छान रहे किसानों को सरकार ने झटका दिया है। सरकार ने कहा है कि क्लेम से वंचित किसानों को क्लेम नहीं, बल्कि उनका प्रीमियम ब्याज समेत वापस दिया जाएगा। वहीं किसानों ने इस फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा है कि सरकार ने ये फैसला बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्रियों ने किसानों को धरना प्रदर्शन के दौरान आश्वासन दिया था कि किसानों का क्लेम एक सप्ताह में उनके खातों में डाल दिया जाएगा। गौरतलब हो कि रोहिड़ांवाली, ओढां व आनंदगढ़ के करीब 90 किसानों का रबी 2016-17 में ओलावृष्टि के दौरान क्लेम शेष है। किसानों ने पन्नीवाला मोटा के केनरा बैंक की मार्फत रिलायंस बीमा कंपनी से अपनी फसलों का बीमा करवाया था। कुछ किसानों को तो क्लेम मिल गया लेकिन अधिकांश किसान बैंक की रकबा संबंधी त्रुटि के चलते क्लेम से वंचित रह गए। उधर जोगीवाला, चाहरवाला, शक्करमंदोरी व रिसालियाखेड़ा सहित अन्य कई गांवों के करीब 100 किसान भी इसी तरह की त्रुटि के चलते क्लेम से वंचित चल रहे हैं। ये दिया था मंत्री ने आश्वासनक्लेम को लेकर किसानों ने हरियाणा किसान मंच के बैनर तले विगत वर्ष की 5 दिसंबर को उपायुक्त कार्यालय पर 9 दिन तक धरना प्रदर्शन किया था। 13 दिसंबर को जिला कष्ट निवारण कमेटी की बैठक में शिरकत करने आए राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने किसानों के बीच पहुंचकर बातचीत की थी। उन्होंने किसानों को ये आश्वासन देकर धरना समाप्त करवाया था कि एक सप्ताह में क्लेम उनके खातों में आ जाएगा। इसी को लेकर सरकार ने एक सप्ताह के बाद चंडीगढ़ में बैठक कर बीमा कंपनी, बैंक व कृषि विभाग को तलब करते हुए पूरे मामले की जानकारी ली। जिसके बाद केनरा बैंक पन्नीवाला मोटा को निर्देश दिए गए थे कि किसानों को क्लेम देने के लिए बैंक ही बाध्य हैं। क्योंकि किसान बैंक की तकनीकी त्रुटि की वजह से क्लेम से वंचित हुए हैं। सरकार के फैसले की प्रति उपायुक्त, कृषि विभाग व एलडीएम को जारी कर दी गई। लेकिन बैंक पहले तो यह कहकर आना-कानी करता रहा कि मामला बैंक के उच्चाधिकारी देख रहे हैं। जिसके बाद बैंक के उच्चाधिकारियों ने रोहिड़ांवाली में पहुंचकर किसानों से 15 दिन का समय मांगा था। उपायुक्त बोले सरकार का फैसला हैक्लेम को लेकर उपायुक्त ने हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा व अन्य पदाधिकारी के अलावा डीडीए विनोद फौगाट, एलडीएम महावीर शर्मा को बैठक में बुलाया। जब भारूखेड़ा ने क्लेम का मुद्दा उठाया तो डीडीए ने सरकार का जारी पत्र दिखाते हुए कहा कि किसानों को क्लेम नहीं अपितु उनका प्रीमियम ब्याज सहित लौटा दिया जाए। सरकार ने ये फैसला बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए लिया है। ये फैसला किसान विरोधी फैसला है। सरकार को किसानों की बजाय बीमा कंपनियों की अधिक चिंता है। राज्य मंत्री के 23 जून को सिरसा पहुंचने पर हम उनके दिए गए आश्वासन का जवाब मांगेंगे। - प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा किसान मंचसरकार ने फैसला दिया है। किसानों का प्रीमियम उन्हें ब्याज सहित दे दिया जाए। फैसले का जो पत्र आया है। उस बारे किसान पदाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। इस पर मैं कोई भी तर्क-वितर्क नहीं कर सकता।- विनोद फौगाट, डीडीए सिरसा।

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