👉जीएसटी के बाद भी नहीं रुकी 😱टैक्स चोरी, ई-वे बिल के नाम पर 👊फर्जीवाड़ा

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जीएसटी लागू होने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि टैक्स चोरी पर लगाम लग सकेगी, लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है। कारोबारी रोजाना नए-नए तरीकों से टैक्स चोरी को अंजाम दे रहे हैं। ई-वे बिल से भी उम्मीद जगी थी कि बगैर टैक्स चुकाए माल की आवाजाही पर रोक लगेगी लेकिन छत्तीसगढ़ में हुए टैक्स चोरी के एक मामले ने अफसरों को सकते में डाल दिया है।

एक कारोबारी विभाग को गोपनीय शिकायत नहीं करता तो ई-वे बिल की हकीकत सामने नहीं आती। ई-वे बिल पोल खुल जाने से आरोपी कारोबारी ने जल्द से जल्द मामला रफा दफा करने के लिए 22 लाख का जुर्माना जमा किया और मामले की फ़ाइल बंद करवा दी।

कानूनी तौर पर सरकारी अमले को इस मामले की एफअाईआर दर्ज करवानी चाहिए थी, लेकिन अफसरों की मिली भगत से विभाग की निष्ठा पर लगे सवालियां निशान के बाद आला अफसरों ने मामले को रफा दफा करना ही मुनासिब समझा। लेकिन इस मामले ने साफ़ कर दिया है कि ई-वे बिल सिस्टम की तोड़ भी टैक्स चोरों ने निकाल रखी है।

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पान मसाला परिवहन में टैक्स चोरी का मामला सामने आने के साथ ही साफ़ हुआ है कि पान मसाला के कारोबारी इसी तरह टैक्स चोरी कर रहे हैं। हाल ही में इस प्रकार का एक मामला दुर्ग में पकड़ा गया था। इस मसाला कारोबारी के खिलाफ 15 लाख जुर्माना और टैक्स लगाया गया है। इस मामले में पान मसाला कारोबारी ने जो इनोवाइस बनाया था उसमें लिखा था कि यह माल पुदुच्चेरी से पश्चिम बंगाल भेजा जा रहा है, लेकिन यह माल दुर्ग में खाली किया जा रहा था।

यह कार्रवाई करीब एक हफ्ते पहले की गई थी। इन दोनों मामलों से साफ हुआ है कि पान मसाला के कारोबारी माल परिवहन के लिए गलत इनोवाइस तैयार कर परिवहन सीधे-सीधे टैक्स की चोरी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के पान मसाला कारोबारी पर यह कार्रवाई की गई है। इस मामले में जांच दल ने माल जब्त करने के बाद 22 लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना और टैक्स लगाया है।

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