[allahabad] - संगम से संसद की डगर तलाशने निकलीं उमा

  |   Allahabadnews

केंद्र की मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहते हुए यूं तो उमा भारती अब तक कई बार इलाहाबाद आ चुकी हैं, लेकिन इस बार यह पहला मौका है कि जब उमा भारती संगम नगरी में लगातार छह दिन रुक रही हैं। उनके प्रवास को लेकर भाजपाई खासे असमंजस में है। चर्चा है कि उमा भारती वर्ष 2019 के मद्देनजर इलाहाबाद और फूलपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की संभावनाएं तलाश रही हैं। अपने प्रवास के तीसरे दिन शनिवार को वह चाका ब्लॉक के सबसे पिछड़े गांव डांडी पहुंच गईं। यहां उन्होंने ग्रामीणों का दुख दर्द जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि अब डांडी पिछड़े गांवाें की सूची में शामिल नहीं रहेगा।

उमा भारती के छह दिनी प्रवास के सियासी निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। इस दौरे को फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की हार तथा 2019 में होने वाले लोक सभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। चूंकि, उमा भारती चुनिंदा भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। ऐसे में इन अटकलों को और बल मिला। यहां बीते तीन दिनों के दौरान वे इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके योगेश शुक्ला, पूर्व उपमहापौर अनामिका चौधरी आदि से कई बार मिलीं हैं। सूत्रों की माने तो उन्होंने इलाहाबाद और फूलपुर संसदीय क्षेत्र के जातिगत आंकड़े भी तलब किए हैं।

दरअसल इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र में श्यामा चरण का टिकट काटे जाने की भाजपाई आपस में चर्चा कर रहे हैं। ऐसे में उमा भारती को उनके विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। पिछड़ी जाति की होने के साथ ही उमा भारती एक संत भी हैं। धार्मिक नगरी प्रयाग और गंगा से उनके प्रेम को देखते हुए इस संभावना को और भी बल मिल रहा है। हालांकि इन चर्चाओं के बीच मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित उनके कार्यालय से स्पष्टीकरण जारी किया गया है। बताया गया है कि उमा भारती का प्रयाग प्रवास का कार्यक्रम पहले से निर्धारित है और इसके कोई सियासी मायने नहीं निकाले जाने चाहिए। हालांकि, इन दावों के विपरीत शनिवार की रात में अचानक वह चाका के डांडी गांव के निरीक्षण के लिए पहुंच गईं। डांडी प्रशासन की ओर से तैयार सबसे पिछड़े गांवाें की सूची में शामिल है। उमा भारती ने प्रधान तथा अन्य ग्रामीणाें से वार्ता की।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/f7WzrQAA

📲 Get Allahabad News on Whatsapp 💬