[bhiwani] - सरसों की बिक्री न होने से खफा किसानों ने जाम लगाया

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अमर उजाला ब्यूरो भिवानी फसल बेचने के लिए किसानों को 72 घंटे के भीतर तीसरी दफा सड़क पर उतरना पड़ा। चारा मंडी में सरसों के उठान और तुलाई में सुस्ती के विरोध में किसानों ने शनिवार को सुबह नौ बजे लोहारू-भिवानी रोड पर जाम लगा दिया। किसानों ने रोड पर ट्रैक्टर-ट्रालियों को खड़ा कर रास्ता रोका और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में पुलिस व हैफेड के मैनेजर ने दो घंटे के भीतर सरसों की खरीद शुरू कराने का आश्वासन देकर किसानों को शांत किया।शनिवार को अपनी परेशानी प्रशासन तक पहुंचाने के लिए किसानों ने रास्ता जाम किया। किसानों ने भिवानी-लोहारू रोड अपनी ट्रैक्टर-ट्राली आड़ी-तिरछी खड़ी कर मार्ग बाधित रखा। --दो दिन में मंडी पहुंची 300 ट्रालीमंडी में सरसों लेकर पहुंचे किसानों सुरेश कुमार, जय प्रकाश, मनोज कुमार, रामनिवास, सुरेंद्र, धर्मबीर ने बताया कि गांव हरिपुर की सरसों बेचने के लिए 4 मई का समय था लेकिन पांच मई तक केवल 26 ट्रालियां की ही तोल हो पाया हैं। जबकि ट्रालियों की संख्या 119 के लगभग थी। रात तीन बजे से यहां पर खड़े हैं। पांच मई को गांव दिनोद व चांग की सरसों बेचने की बारी हैं। ऐसे में चांग व दिनोद के किसान को पहले से खड़ी मंडी में ट्रालियों के पीछे ट्राली लगानी पड़ रही हैं, और कार्य बहुत ही धीमा चल रहा हैं। जिसके कारण परेशान होकर किसानों ने रोड जाम लगाना ही सही समझ। सुबह से मंडी में न तो अधिकारी पहुंचा हैं और न की कोई कर्मचारी सुबह केवल 11 किसानों को टोकन दिए गए हैं लेकिन उनकी भी तुलाई नहीं हो पाई। पहले शुक्रवार को भी काफी ट्रालियां यहां खड़ी थी और शनिवार को अन्य दो गांवों की ट्रालियां और पहुंचने के बाद अब संख्या तीन सौ पहुंच गई हैं।शुक्रवार सुबह तीन बजे से रात तक केवल 26 ट्रालियों की सरसों की तुल पाई और और शनिवार को अन्य दो गांवों के किसानों की बारी होने से ट्रालियों की संख्या काफी 300 से भी अधिक जा पहुंची हैं पूरी मंडी में चारों तरफ ट्रालियों की भारी संख्या दिखाई दे रही हैं। -- मंडी में सरसों की चोरी के भी लगाए इल्जाममंडी में पहुंचे किसानों ने काम करने वाले मजदूरों पर सरसों की चोरी के भी इल्जाम लगाए और रात में किसानों को सरसों के कट्टे उठाने की बात कही। किसानों ने कहा कि हर रोज मंडी से मजदूर सरसों के बचे अवशेषों में सरसों को मिलाकर रख देते हैं और रात अवशेष व सरसों को गट्ठे में भर कर ले जाते हैं रात में किसान सोते हैं तो काम करने वाले व अन्य घूमने वाले लोग चोरी की घटना को अंजाम देते हैं। मंडी में चार तारीख को सरसों के बेचने की बारी गांव हरिपुर की थी लेकिन चार तारीख को केवल 26 ट्रालियों का ही तोल हो पाया और अब चांग व दिनोद दो गांवों को समय दिया गया हैं ऐसे में काम बहुत ही धीमा चल रहा हैं, और यहां पर परेशान होना पड़ रहा हैं। सुरेश कुमार हरिपुर फोटो: 04--सुबह कल सुबह तीन बजे सरसों लेकर मंडी में पहुंचे हैं लेकिन दूसरे दिन भी बारी नहीं आई। सुबह से कुछेक किसानों की सरसों की तुलाई हुई हैं और बाकी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। जयप्रकाश हरिपुर फोटो: 05--आज दिनोद व चांग गांव की सरसों बेचने की बारी हैं और यहां पहले से ही सौ से अधिक ट्रालियां खड़ी हैं न तो तुलाई में कोई तेजी नहीं। रात को भी कई लोग सरसों की चोरी कर रहे हैं, प्रशासन से भी कई बार गुहार लगाई गई हैं लेकिन कोई हल नहीं हो पा रहा। सुरेश कुमार दिनोदफोटो: 06--मंडी में न तो कोई सुविधा और न ही बैठने की जगह। यहां तक की घर से पानी लाना पड़ रहा हैं। प्रशासन भी कोई सुनवाई नहीं कर रहा। मंडी में कई बार किसान रोष प्रकट कर चुके हैं लेकिन प्रशासन तो बस देख चुप बैठा हैं।कालियादिनोद फोटो: 07--वर्जन ....मंडी में कल काफी अधिक सरसों आने से पूरा तोल नहीं हो पाया और आज दूसरे दो गांवों के किसान भी मंडी में सरसों लेकर पहुंच गए हैं अब किसानों की सरसों को धर्मकांटा करवाकर जल्द से जल्द तुलाई का काम शुरू कर दिया हैं जल्द ही सभी किसानों को खाली कर वापिस भेज दिया जाएगा। दोनों मंडियों में तुलाई का काम पूरा तेजी से चल रहा हैं। सुरेंद्र कुमार हैफेड मैनेजर, भिवानी -----------तोशाम में कल जाम लगाया, आज फिर खरीद रुकीतोशामअनाज मंडी में सरसों की खरीद में अनियमितताओं का सिलसिला लगातार जारी है। प्रशासनिक आदेश को ठेंगा दिखाते हुए शनिवार को सुबह सात बजे सरसों की खरीद शुरू नहीं हुई। निराश किसान मुद्दे को लेकर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय पहुंचे और खरीद शुरू करवाए जाने की मांग की। ट्रैक्टर-ट्रॉली मार्ग पर खड़ी कर करीबन आधे घंटे तक अनाज मंडी के बाहर मुख्य मार्ग को बाधित किया गया। दोपहर करीबन सवा 12 बजे खरीद का कार्य शुरू हुआ। किसानों की मानें तो निजी मिलों में मिलीभगत से सरसों खरीदी जा रही है। शुक्रवार को करीबन तीन घंटे के जाम के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुभाषचंद्र शर्मा ने लिखित ब्यान में कहा था कि सरसों की खरीद सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक होगी। इसके अलावा अन्य समस्याओं का भी निदान होगा। प्रशासन के इस फैसले के अगले ही दिन आदेश धराशायी हो गए। सुबह सात बजे सरसों की खरीद नहीं हुई। यहीं नहीं किसानों को एकत्रित होकर पंचायत कार्यालय जाना पड़ा और आधे घंटे तक मार्ग को भी अवरुद्ध रखा गया। तब जाकर करीबन सवा 12 बजे सरसों की खरीद का कार्य शुरू हुआ।किसान नेता कर्ण सिंह जैनावास ने आरोप लगाया कि हैफेड के अधिकारी दिन में खरीद करने की बजाए सरसों की खरीद रात्रि को ही करना चाहते है ताकि गोलमाल किया जा सके। रात को लूट बनाने का सिस्टम इन लोगों ने बना रखा है। किसानों को तुलाई की रसीद भी नहीं दी जा रही। किसफोटो : 19

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