[budaun] - बदोयूं डेस्क - जौली जी के लिए

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फोटो: 32,33 कौम की तबाही का सबब बन जाती है बेशर्मी ‘सख्त मना है इस्लाम में नशा करना’ जश्ने शाह शराफत सम्मेलन में हजारों लोगों ने की शिरकत अमर उजाला ब्यूरोककराला (बदायूं)। हजरत शाह शराफत अली मियां के विसाल को पचास साल पूरे होने पर हजरत शाह सकलैन अकेडमी की ककराला यूनिट की तरफ से तहरीक पैगामे सुन्नियत की निगरानी में एक सम्मेलन बनाम जश्ने शाह शराफत मनाया गया। इस सम्मेलन का मकसद जुआ, शराब, सट्टा, बेपर्दगी, बेशर्मी, बेहयाई, सूद (ब्याज), आतिशबाजी, डीजे, बैंडबाजा, ताशा आदि के नुक्सान से लोगों को बचाना रहा। साथ ही तालीम की अहमियत पर रोशनी डालते हुए हजरत शराफत मियां को खिराजे अकीदत पेश की गई। इस जश्ने के मेहमाने खुसूसी खानकाहे आलिया कादरिया के मौलाना अज्जाम मियां रहे। सरपरस्ती पीरो मुर्शिद हजरत शाह सकलैन मियां हुजूर ने की। सदारत अल्हाज मुहम्मद गाजी मियां सकलैनी ने रही। इसमें खिताब करते हुए मुफ्ती सैय्यद जियाउद्दीन नक्शबंदी हैदराबादी ने कहा कि जब किसी कौम में बेहयाई और बेशर्मी आम हो जाती है, तो उस कौम में बलाएं और इमराज फैल जाते हैं। कौम में तबाही और बर्बादी शुरू हो जाती है। इस लिए इंसान के लिए बहुत जरूरी है कि सालेह मुआशरा की भलाई के लिए बेशर्मी और बेहयाई से परहेज करें। मौलाना सूफी रिफाकत सकलैनी ने कहा कि एकता में बहुत बरकतें रखी गई हैं। इसी कड़ी में मौलाना मिस्बाहुद्दीन उमैर नक्शबंदी हैदराबादी ने कहा कि मुसलमान हर मैदान में पिछड़ेपन का शिकार है। इज्जत की जिंदगी गुजारने के लिए एकता और तालीम जरूरी है। कन्नौज से आए मौलाना आसिफ मुजद्दिद ने कहा कि इस्लाम में नशा करना और शराब पीना सख्त मना है। गंजडुंडवारा से आए मौलाना जैनुल आबदीन ने कहा सुकून चाहने वाले को सूफिया की जिंदगी और उनकी तालीमात से सबक लेना चाहिए। उन्होंने पूरी दुनियां को एकता का पैगाम दिया। जलसे के समापन पर हजरत शाह सकलैन मियां हुजूर ने हजारों लोगों को नसीहत दी कि बेपर्दगी, बेशर्मी, बेहयाई, जुआ, शराब,सट्टा से दूर रहें। इस दौरान लगभग दो सौ गांवों के अइम्मा इकट्ठे हुए और सर जोड़कर बैठे। आखिर में शाह सकलैन अकेडमी के सरपरस्त मुमताज मियां सकलैनी ने लोगों का शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर मुंतखब अहमद सकलैनी, नूर ककरालवी, सूफी नासिर मियां शेरी बहेड़ी, सूफी जुबैर मियां, कारी मजहरूल हसन अशरफी, तस्नीम हसन कादरी, कारी आमिर अशरफी, डॉ. सैय्यद मुहम्मद दय्यान निजामी आदि मौजूद रहे। निजामत मुफ्ती फहीम अजहरी ने किया।

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