[dehradun] - सड़क बनाने के लिए पांच घंटे हाईवे जाम, मंत्री को भी रोका

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ब्यूरो/ अमर उजाला, मसूरीवन विभाग की एनओसी नहीं मिलने से 12 साल से स्वीकृत मसराना-किमोई मार्ग का निर्माण शुरू न होने पर शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सुबह सात बजे मसराना गांव के सामने मसूरी-चंबा हाईवे 707 ए पर जाम लगा दिया। पांच घंटे लगे जाम में हजारों पर्यटक और चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु फंसे रहे। आक्रोशित ग्रामीणों ने उत्तरकाशी जा रहे कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के काफिले को भी रास्ता नहीं दिया। कार्यकर्ताओं के दूसरी गाड़ी की व्यवस्था कराने पर मंत्री उत्तरकाशी के लिए रवाना हुए, जबकि उनकी फ्लीट को वापस दून लौटना पड़ा। वन संरक्षक के मार्ग निर्माण को एनओसी के लिए संबंधित पत्रावलियां केंद्र सरकार को भेजने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने दोपहर 12 बजे जाम खोला। शनिवार सुबह सात बजे मसराना, कांडा, जाख, किमोई आदि गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मसराना गांव के सामने हाईवे पर पहुंचे। हाईवे जाम कर युवक मंगल दल के बैनर तले वहीं धरने पर बैठ गए। सरकार और वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। जाम की वजह से हाईवे के दोनों ओर कई-कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। धनोल्टी, चंबा, उत्तरकाशी, यमनोत्री, गंगोत्री जाने वाले यात्री, पर्यटक और चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु जाम में फंस गए। यात्रियों ने ग्रामीणों से जाम खोलने की गुहार लगाई, लेकिन ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताकर जाम खोलने से इनकार कर दिया। सूचना पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची कोतवाल भावना कैंथोला की जाम खुलवाने को लेकर ग्रामीणों से नोकझोंक हुई। देहरादून से सुवाखोली नगुण भवान मोटर मार्ग होते हुए उत्तरकाशी जा रहे कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के काफिले को भी ग्रामीणों ने रास्ता नहीं दिया। मंत्री के खुद ग्रामीणों को समझाने पर भी वो नहीं माने। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंत्री के लिए दूसरी गाड़ी की व्यवस्था की, तब जाकर मंत्री उत्तरकाशी के लिए रवाना हो सके। जबकि उनकी फ्लीट को वापस दून लौटना पड़ा। धरना स्थल पर पहुंचे वन संरक्षक पीके पात्रो ने मसराना-किमोई मोटर मार्ग का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को मार्ग की एनओसी से संबंधित पत्रावलियां जल्द केंद्र सरकार को भेजने का आश्वासन दिया। जिस पर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने जाम खोल दिया। जाम खुलने पर पर्यटकों और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। धरने में युवक मंगल दल के अध्यक्ष जगबीर सिंह असवाल, राहुल असवाल, मनवीर, मोहन असवाल, संजय चैहान, राहुल असवाल, जयपाल कैरवाण, सुरेंद्र सिंह रावत, सुरेश कैरवाण, मनवीर असवाल, किमोई ग्राम प्रधान मीना देवी, सरोजनी देवी, लीला देवी, प्रमिला देवी, मिजान सिंह असवाल, देवेंद्र असवाल समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। .................................................................मरीजों को लाते है कुर्सियों पर युवक मंगल दल के अध्यक्ष जगबीर सिंह असवाल ने बताया कि मसराना से किमोई गांव तक सड़क बनने पर मरीजों को गांव से मुख्य मार्ग तक टब या कुर्सियों में बैठाकर लाते है। कई गंभीर मरीज तो रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। गर्भवती महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बताया कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क बनाने की मांग कर रहे है, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। .......................नोडल अधिकारी ने दी है एनओसी प्रस्तावित मार्ग का कुछ हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क में आता है। जिस कारण एनओसी नहीं मिल रही थी। जबकि अब स्थानीय नोडल अधिकारी ने मार्ग के लिए एनओसी मिल गई थी। लेकिन इसकी फाइल वन संरक्षक के यहां धूल फांक रही थी। कई बार ग्रामीणों ने देहरादून जाकर भी अफसरों से गुहार लगाई। लेकिन कुछ कार्रवाई नहीं हुई। .........................................हम बाहर से आए हैं, हमें जाने दो जाम के दौरान कई पर्यटकों ने ग्रामीणों ने जाम खोलने की गुहार लगाई, उन्होंने कहा कि हम बाहर से आए हैं, हमें बहुत दूर जाना है। लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि सड़क निर्माण न होने से वह कई अपनों को खो चुके हैं। गर्भवती महिलाओं और उनके शिशुओं की बीच रास्ते में मौत हो चुकी है।

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