[delhi-ncr] - अभी तो कलेजे के टुकड़े को विदा ही किया था, ससुरालवालों ने किया वो हाल कि रो-रोकर सभी हो गए बेहाल

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अभी तो डोली में बैठा कर विदा की थी, हाथों की मेहंदी भी नहीं छूटी थी, जिसको सात जन्मों का साथी चुना वो ही दरिंदा निकला, अरे शादी नहीं करनी थी या दहेज चाहिए था तो बोल देते आखिर बेटी को क्यों मार डाला?

मृतका पिंकी के पिता व रोते बिलखते परिजन बार-बार पोस्टमार्टम हाउस पर विलाप करते हुए यही सवाल कर रहे थे। हालांकि पुलिस मुख्य आरोपी पति को जेल भेज चुकी है, लेकिन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।

नगर कोतवाली क्षेत्र के वहलीम पुरा निवासी युवक रविकांत की बीते 26 अप्रैल 2018 को ही दिल्ली निवासी युवती पिंकी के साथ शादी हुई थी।

पिंकी के पिता ने बताया कि दूल्हा पक्ष की मांग के चलते उन्होंने बुलंदशहर स्थित एक होटल में ही शादी की थी। शादी में हैसियत के अनुसार काफी दान दहेज भी दिया था।

पीड़ित पिता ने बताया कि वर्षों तक अपने कलेजे के टुकड़े को पाल कर डोली में बैठाना एक पिता के लिए फख्र के साथ असहनीय पल भी होता है।

27 अप्रैल को उन्होंने रविकांत के साथ अपनी बेटी को ससुराल के लिए विदा कर दिया था। शादी की खुशियों के चलते पूरा परिवार खुश था, लेकिन किसी को यह नहीं पता था जिस दामाद को बेटी के लिए चुना है वही दामाद मेहंदी छूटने से पहले ही बेटी को मौत के घाट उतार देगा।

परिजन अभी भी सकते में है कि उनकी बेटी का कुसूर क्या था, दामाद तो उन्होंने चुना था। पीड़ित पिता रोते-बिलखते बोला कि यदि शादी में कुछ और चाहिए था तो बोल देते लेकिन, बेटी को तो नहीं मारते। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजन पिंकी के शव को अपने साथ ले गए।

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