[deoria] - दोनों प्राचार्य समेत 20 आरोपियों को जेल

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भटनी। रामगुलाम राय पीजी कॉलेज और बहादुर यादव मेमोरियल पीजी कॉलेज में एसटीएफ की छापामारी के दौरान सामूहिक नकल कराते पकड़े गए दोनों प्राचार्य समेत सभी 20 लोगों को शनिवार को जेल भेज दिया गया। शुक्रवार की देर रात इनके खिलाफ जालसाजी और परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। इनसे पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर एसटीएफ ने 25 अन्य लोगों को भी रडार पर लिया है। इनमें कॉलेज प्रबंधन से जुड़े लोग हैं तो कुछ ऐसे चेहरे भी शामिल हैं, जो यूनिवर्सिटी के परीक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। उधर, दोनों कॉलेज में शनिवार को नए केंद्राध्यक्ष की निगरानी में बीएससी-तृतीय गणित की परीक्षा कराई गई।

16 अप्रैल को बीएससी गणित का पेपर लीक होने के बाद से ही एसटीएफ की निगाह भटनी के इन दोनों कॉलेज पर लग गई थी। पूर्व के वर्षों के परीक्षा परिणाम के गहन अध्ययन और प्राचार्यों के मोबाइल कॉल से मिली लोकेशन के आधार पर एसटीएफ ने जांच को आगे बढ़ाया। काफी कुछ पुख्ता होने के बाद एसटीएफ को बस परीक्षा तिथि का इंतजार था। लिहाजा शुक्रवार को जैसे ही पेपर शुरू हुआ, उसके कुछ ही देर बाद एसटीएफ की टीम पहले राम बहादुर राय पीजी कॉलेज और फिर बहादुर यादव मेमोरियल कॉलेज में धमक पड़ी। मौके से न सिर्फ काफी मात्रा में नकल सामग्री पकड़ी, बल्कि सामूहिक नकल कराते प्राचार्य व साल्वर को गिरफ्तार किया। केस दर्ज होने के बाद देर रात तक उनसे पूछताछ होती रही। सुबह उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। एसटीएफ के इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि पूछताछ में सामूहिक नकल कराने में कई अन्य लोगों की भी संलिप्तता सामने आई है। ऐसे करीब 25 अन्य लोगों को चिह्नित कर निगरानी शुरू कर दी गई है। जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यह नकल का बड़ा रैकेट है।

इन पर दर्ज हुआ केस

रामगुलाम राय पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश्वर शाही, हरिकेश कुशवाहा, वरिष्ठ कुशवाहा, अभिषेक मिश्र, सुमित मिश्र, दीपक उपाध्याय, अवधेश राजभर, संतोष प्रजापति, कृष्णदयाल सिंह और बहादुर यादव मेमोरियल पीजी कॉलेज से प्राचार्य डॉ. विनोद यादव, डॉ. बृजेश यादव, विवेकानंद राव, हरि मिश्र, मनीष कुमार, श्यामदास, प्रवीण दीक्षित, अजय कुमार, राकेश तिवारी, दिलीप यादव, मिथलेश यादव पर जालसाजी व परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

सिर्फ परीक्षा के वक्त ही दिखते थे छात्र-छात्राएं

भटनी। सामूहिक नकल में पकड़े गए भटनी के रामबहादुर राय और बहादुर यादव मेमोरियल कॉलेज में सामान्य दिनों में बच्चे भले न रहे, लेकिन परीक्षा के दिनों में वहां अचानक संख्या बढ़ जाती रही है। साल भर पढ़ाई से दूर रहने वाले परीक्षार्थी अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण भी होते रहे हैं। जानकारों की मानें तो इन कॉलेजों की शुरू से ही नकल में सक्रियता रही है। कई बार उच्च स्तर तक शिकायतें भी हुई, लेकिन ऊंची पहुंच और प्रभाव के चलते कभी कार्रवाई नहीं हुई। कॉलेज संचालक इसका बखूबी लाभ उठाते रहे। एसटीएफ की जांच में इन कॉलेजों में केंद्रों की अदला-बदली का मामला भी सामने आया है। नियमानुसार पुरुष परीक्षार्थियों का केेंद्र उसी कॉलेज पर नहीं हो सकता। लिहाजा कॉलेज अपने परीक्षार्थियों का केंद्र परस्पर दूसरे कॉलेज पर आवंटित करा लेते थे और वहां के बच्चे उनके कॉलेज पर परीक्षा देते थे।

लेखपालों ने कराई परीक्षा, एक नकलची रस्टीकेट

भटनी। सामूहिक नकल में कार्रवाई के बाद शनिवार को दोनों केंद्रों पर बीएससी तृतीय वर्ष के गणित पांचवें प्रश्न पत्र की परीक्षा में कड़ी चौकसी रहे। नए केंद्राध्यक्षों की निगरानी में परीक्षा के लिए कक्ष निरीक्षकों के अलावा लेखपालों की भी ड्यूटी लगाई गई थी। बहादुर यादव केंद्र पर 93 बच्चे पंजीकृत थे। इसमें 92 उपस्थित रहे। यहां दो कमरों में परीक्षा के लिए सिर्फ दो कक्ष निरीक्षक तैनात थे। बाद में डीएम के निर्देश पर दो लेखपालों को भी तैनात किया गया। केंद्राध्यक्ष डॉ. समरेंद्र बहादुर शर्मा ने बताया कि परीक्षा सकुशल संपन्न हुई। वहीं, राम बहादुर राय पीजी कॉलेज मेें केंद्राध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार ओझा के निर्देशन में चार कमरों में 162 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। चार कक्ष निरीक्षक के अलावा दो लेखपालों ने ड्यूटी दी। यहां एक परीक्षार्थी को अनुचित साधन का इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर रस्टीकेट कर दिया गया।

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