[deoria] - सब रजिस्ट्रार समेत तीन कर्मचारी हिरासत में

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देवरिया। दीपक मणि का अपहरण कर करोड़ों की जमीन बैनामा कराने के मामले में शनिवार को पुलिस ने उप निबंधन कार्यालय से सब रजिस्ट्रार समेत तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। कोतवाली में एसपी ने उप निबंधन सहित कर्मचारियों से पूछताछ की। पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। दिनभर निबंधन कार्यालय बंद रहा। रजिस्ट्री संबंधी कोई काम नहीं हुआ। देर शाम एक कर्मचारी और दस्तावेज लेखक को छोड़ दिया गया।

देवरिया खास मोहल्ले के निवासी दीपक मणि उर्फ पीयूष मणि त्रिपाठी का 20 मार्च को अपहरण कर लिया गया था। 17 अप्रैल को उनकी 10 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव ने बैनामा करा ली थी। एक मई को जानकारी होने पर एसपी रोहन पी कनय ने कार्रवाई करते हुए अमेठी मोहल्ले से पूर्व सांसद और सपा के राष्ट्रीय महासचिव रमाशंकर विद्यार्थी के कटरे से अपहृत युवक को बरामद किया। इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष के भाई समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अपहृत युवक के बयान के आधार पर इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव का नाम उछला। तभी से वह फरार हैं। पुलिस की चार टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। मामले की निगरानी खुद एसपी कर रहे हैं।

इस मामले में शनिवार सुबह 11 बजे सदर कोतवाल प्रभातेष श्रीवास्तव और स्वाट टीम के प्रभारी अनिल यादव उप निबंधन कार्यालय पहुंचे। यहां सब रजिस्ट्रार फूलचंद यादव व दो अन्य कर्मचारी सोमनाथ राव व रामशरण सिंह को हिरासत में ले लिया गया। तीनों को पुलिस कोतवाली ले गई। सीओ सिटी सीताराम ने तीनों से पूछताछ कर दीपक के अपहरण और जमीन बैनामे से संबंधित जानकारी हासिल की। एसपी रोहन पी कनय का कहना है कि तीनों को दीपक मणि के अपहरण और जमीन बैनामे के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सर्विलांस के माध्यम से कुछ सुराग मिले हैं। संतुष्ट होने पर कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष की मां को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

दस्तावेज लेखक और मकान मालिक हिरासत में

दीपक मणि के अपहरण और जमीन बैनामा कराने के मामले में पुलिस ने सदर तहसील से दस्तावेज लेखक कौशल किशोर को हिरासत में लिया है। वहीं, दीपक भटनी के जिस मकान में रहता था, उसके मालिक को भी संदेह के घेरे में लेते हुए हिरासत में लिया गया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।

हिरासत में लेने की सूचना पर पहुंचे भू-माफिया

सब रजिस्ट्रार और दो कर्मचारियों को हिरासत में लिए जाने की सूचना के कुछ ही देर बाद कुछ भू-माफिया कोतवाली पहुंच गए और तीनों को छुड़ाने के लिए जुगाड़ लगाने लगे। हालांकि जब उन्होंने एसपी रोहन पी कनय को देखा तो धीरे से खिसक लिए। पुलिसकर्मी भी एसपी का मामला बताकर पल्ला झाड़ते रहे।

एक दुकान है पुलिस के रडार पर

शहर की एक दुकान पर जिला पंचायत सदस्यों की बैठक होती है। वहां से ही गतिविधि पर ध्यान रखा जा रहा है। पुलिस को इस बात की जानकारी हुई तो उस दुकान को रडार पर ले लिया है। पुलिस दुकान के सीसीटीवी कैमरे की जांच कर सकती है।

सब रजिस्ट्रार को हिरासत में लेने की होगी जांच

सब रजिस्ट्रार को कार्यालय से हिरासत में लिए जाने के बाबत डीएम सुजीत कुमार का कहना था कि मुकदमे में चार्जशीट फाइल होने केे बाद गिरफ्तारी के लिए नियुक्ति प्राधिकारी से अनुमति लेनी होती है। कार्यालय से सब रजिस्ट्रार व कर्मचारियों को किस आधार पर कोतवाली ले जाया गया, इसकी जांच कराई जाएगी।

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