[fatehpur] - मंत्री को देख क्रय केंद्र के अफसर, कर्मी भागे

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कृषि राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह ने शनिवार को नगर के नवीन मंडी स्थल के सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। दो क्रय केंद्रों के अधिकारी और कर्मचारी ताला बंद कर भाग गए। निरीक्षण के दौरान तमाम अभिलेखीय गड़बड़ी की जांच के निर्देश तहसीलदार को दिए हैं। खरीद में किसानों का शोषण करने वाले केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की बात कही गई।

निरीक्षण का एक पत्र सीएम को भी दिया जाएगा। नवीन मंडी स्थल में सरकारी गेहूं क्रय केंद्र हाट विपणन के खरीद के अभिलेखों में दर्ज किसानों के मोबाइल नंबरों से राज्यमंत्री ने बात की तो तमाम गड़बड़ियां उजागर हुईं। उन्होंने बताया कि चुंगी के नाम पर गेहूं लिया जा रहा है। उतराई और पल्लेदारी के नाम पर किसानों से अवैध वसूली की जा रही है। किसानों को टोेकन देने के लिए चक्कर लगवाए जा रहे हैं। राज्यमंत्री ने बताया कि मुबारकपुर गेरिया के किसान छेदीलाल ने बताया कि 50 क्विंटल गेहूं की पल्लेदारी 880 रुपये और चुंगी के नाम पर 45 किलो गेहूं लिया गया। कुल 50 क्विंटल गेहूं बेंचा था।

इसी प्रकार उकाथू के मंगलप्रसाद, राजपूत नगर के दिनेश सिंह, कूरा के चंद्रभूषण सिंह, सरसई बुजुर्ग के आशापाल सिंह, बुदवन के राजेंद्र सिंह, कटोघन के बाबूलाल और धर्मेंद्र सिंह ने फोन पर बताया कि 25 अप्रैल से लगातार गेहूं क्रय केंद्र आ रहे हैं। अभी तक टोकन नहीं मिला। उमरपुर गेरिया के अमर सिंह ने बताया कि उनके नाम से किसी ने 40 क्विंटल गेहूं, ऐरायां सादात के छेदीलाल का 35 क्विंटल, मांझखोर के हरिश्चंद्र का 42 क्विंटल, रामीपुर के शीतला सहांय का 42 क्विंटल किसी बिचौलिए ने बेच दिया है।

मंत्री धुन्नी सिंह ने बताया कि एफसीआई के क्रय केंद्र में कोई गड़बड़ी नहीं मिली। वहीं ग्रामीण कृषक कल्याण समिति और एग्रो कार्प क्रय केंद्र के अधिकारी व कर्मचारी मंत्री को देखते ही भाग गए, जबकि केंद्र के बाहर गेहूं पड़ा था। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर तहसीलदार रामस्वरूप, बीडीओ कपिल कुमार आदि अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

खाने को है नहीं, साहब कैसे बेचूंगा 40 क्विंटल

खागा। राज्यमंत्री के औचक निरीक्षण में बिचौलियों का खेल खुल गया। हाट विपणन केंद्र में धांधली की शिकायत पर पहुंचे राज्यमंत्री ने रजिस्टर में अंकित नामों से फोन में संपर्क कर किसानों से हाल जाना तो खामियां सामने आ गई। फोन में इरादतपुर चतुर्भुज निवासी किसान अमर सिंह ने बताया कि वह आज तक मंडी गया ही नहीं, किसने उसके नाम से 40 क्विंटल गेहूं बेचा उसे मालूम नहीं। बताया कि खाने को नहीं है तो इतना गेहूं कैसे बेचूंगा। इसी तरह ऐरायां सादात निवासी छेदीलल ने बताया कि उसके इस बार गेहूं पैदा ही नहीं हुआ 35 क्विंटल गेहूं उसके नाम से किसने बेच दिया। झल्लाए राज्य मंत्री ने तहसीलदार रामस्वरूप को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा।

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