[haridwar] - गोबर धन योजना रोशन करेगी पशुपालकों की दुनिया

  |   Haridwarnews

हरिद्वार। यदि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना परवान चढ़ी तो जल्द भगवानपुर विकासखंड का दरियापुर दयालपुर गांव गोबर से बनने वाली बिजली से रोशन होगा। पशुओं के गोबर से बायोगैस बनाकर रोशन करने वाली इस योजना के लिए जनपद में सबसे पहले भगवानपुर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम दरियापुर दयालपुर गांव को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। मुख्य विकास अधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया कि गोबर धन योजना के तहत गोबर को एकत्र करके उसे अत्याधुनिक बायोगैस संयंत्र और बिजली बनाने के प्रोजेक्ट के जरिये बायोगैस और बिजली का उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना हरियाणा में लांच हो चुकी है। इस योजना को देश के कई अन्य राज्यों के साथ उत्तराखंड में भी शुरू किया जाना है। सबसे पहले हरिद्वार जनपद के भगवानपुर विकासखंड का गांव दरियापुर दयालपुर इसके लिए चुना गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि गांव में गोबर एकत्रीकरण करने के साथ ही बायोगैस और बिजली बनाने के लिए संयंत्र लगाए जाएंगे। कंपोस्ट खाद बनाकर किसान उससे भी अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकेंगे। गोबर से बनने वाली बिजली और बायोगैस का इस्तेमाल गांव वाले ही करेेंगे। पशुपालक इसे बेचकर अतिरिक्त लाभ भी ले सकेंगे। सरकार की मंशा इस योजना को स्वयं सहायता समूहों के साथ ही लघु उद्यमियों के माध्यम से भी सिरे चढ़ाने की है। उन्होंने बताया कि अगर प्रयोग सफल रहा तो इसे अन्य गांवों में भी लागू किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को इस बारे में प्रोजेक्ट तैयार कर उसके अनुपालन के लिए जुट जाने के आदेश दिए गए हैं। --------------- हरियाणा के कुंजापुर गांव के प्रोजेक्ट पर होगा काम हरिद्वार। देश में पहला प्लांट हरियाणा में करनाल के पास स्थित गांव कुंजापुर में लगाया गया है। हरिद्वार में इस योजना को क्रियान्वित कराने के लिए कुंजापुर के प्रोजेक्ट को देखकर लौटे परियोजना अधिकारी संजीव कुमार राय ने बताया कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिए प्लान तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले बड़े बड़े स्टोर बनाकर गोबर एकत्र किया जाता है। सबसे पहले बायोगैस संयंत्र से बायोगैस बनाई जाती है। गैस से बिजली बनाने के लिए भारी क्षमता के जनरेटर लगाए गए हैं। इन जनरेटरों को डीजल के बजाय बायोगैस से ही चलाया जाता है। जैविक खाद बनाने के लिए भी अत्याधुनिक कारखाना लगाने की योजना है। इस खाद को बाजार में बेचा जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया कि प्रशासन सबसे पहले स्वयं सहायता समूह बनाकर उनके माध्यम से इस योजना को सिरे चढ़ाने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि समूहों को सरकारी योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। -----------------घाड क्षेत्र के दरियापुर में अभी भी बह रही है दूध की नदी भगवानपुर। गोबर धन योजना के पायलट प्रोजेक्ट में लिए चुने गए दरियापुर गांव में अभी भी दूध की नदियां बहती हैैं। जिले का यह सबसे ज्यादा दूध उत्पादित करने वाला गांव है। दरियापुर गांव में ज्यादातर ग्रामीण पशुपालन व्यवसाय से जुड़े हैं। उनमें गाय पालन को प्राथमिकता दी गई है। छोटी और बड़ी दरियापुर गांव में ग्रामीणों के पास करीब 1300 से अधिक पशु हैं। छोटी दरियापुर और बड़ी दरियापुर अलग-अलग मजरे के रूप में बसा है। भगवानपुर खंड विकास अधिकारी धामीलाल पोसवाल ने बताया कि दरियापुर में जिले में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन होता है। गांव को गोबर धन योजना के तहत चुने जाने से गांव वालों मेें भारी उत्साह है।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/xqkS3AAA

📲 Get Haridwar News on Whatsapp 💬