[haridwar] - डीएम की परीक्षा में अधिकतर अफसर हुए फेल

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हरिद्वार। जिलाधिकारी दीपक रावत ने आपदा से निपटने के लिए अपने भरोसेमंद अधिकारियों की मुस्तैदी जांची तो इस परीक्षा में अधिकतर अधिकारी फेल पाए गए। जिलाधिकारी ने रात करीब 12 बजे कई अधिकारियों के मोबाइल फोन मिलाकर चेक कराए तो अधिकतर के फोन या तो बंद मिले या फिर नोट रिचेबल। इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इस परीक्षा से यह भी साबित हो गया कि हर बैठकों में आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का दावा करने वाले अधिकारी वास्तव में कितने मुस्तैद हें। इन दिनों चल रही चारधाम यात्रा और मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए भारी बारिश की चेतावनी के दृष्टिगत किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का औचक निरीक्षण करने के लिए शुक्रवार की रात करीब बारह बजे जिलाधिकारी दीपक रावत रोशनाबाद स्थित आपदा कंट्रोल रूम में पहुंच गए। उन्होंने वहां से प्रशासनिक सुरक्षा और अधिकारियों की मुस्तैदी जांचने के लिए जिले के विभिन्न अधिकारियों और कई कर्मचारियों के मोबाइल नंबर मिलवाए। जिलाधिकारी उस समय भौचक्के रह गए जब पाया कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन मिलाया गया था। उनमें से 19 के मोबाइल कंद थे जबकि 22 अधिकारियों अज्ञैर कर्मचारियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है का जवाब मिला। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कड़ी नाराजगी जताई। डीएम ने इन सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ऐसे सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अपना स्पष्टीकरण भेजें। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाये जाने पर इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ------------------ इन अफसरों के फोन मिले बंद जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजीवनाथ त्रिपाठी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मनीष तिवारी, जिला पंचायत के अधिशासी अभियंता पाल सिंह बिष्ट, सेवायोजन विभाग के वरिष्ठ सहायक मंजूला रावत, भगवानपुर के खंड विकास अधिकारी धामीलाल, खानपुर के सहायक पंचायत विकास अधिकारी सत्यनारायण रतूड़ी, सहायक भूलेख अधिकारी लालित मोहन पोखरियाल, जिला कार्यालय के सहायक नाजिर जय कुमार त्यागी, लक्सर के सब रजिस्ट्रार जेपी तिवारी, रुड़की के रजिस्ट्रार कानूनगो मधुकर जैन, सहायक रेडियो अधिकारी मुकेश ठाकुर, लक्सर के अग्निशमन अधिकारी शिशुपाल सिंह नेगी, डीआरडीए परियोजना अर्थशास्त्री आरएस मंद्रवाल, बहादराबाद के पंचायत विकास अधिकारी दिनेश कांडपाल, पंचायती राज कार्यालय के वरिष्ठ सहायक नंदकिशोर वर्मा, वरिष्ठ राजस्व अनुभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी गुरुदत त्यागी, जिला कार्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजीव गर्ग, जिलाधिकारी के वैयक्तिक सहायक सुदेश कुमार और सीडीओ की वैयक्तिक सहायक सहायक शशि। ---------------- इनके फोन थे नोट रिचबल रेलवे स्टेशन हरिद्वार के स्टेशन अधीक्षक महावीर सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी डा. वीके यादव, रानीपुर के कोतवाल एश्वर्या पाल, रुड़की के चकबंदी अधिकारी अनिल कुमार, जिला क्रीड़ा अधिकारी सुनील डोभाल, जिला परियोजना अधिकारी वंदना, जिला खाद्य ग्रामोद्योग अधिकारी एसडी मासीवाल, अभियोजन कार्यालय के संयुक्त निदेशक खेमसिह राणा, सहायक समाज कल्याण अधिकारी विनोद कुमार नैथानी, रुड़की के सहायक समाज कल्याण अधिकारी सोमप्रकाश, जिला भूमि व्यवस्था सहायक पंकज राजपूत, जिलाधिकारी के वैयक्तिक सहायक दिनकर चंद्र पंत, लक्सर तहसील के आशुलिपिक अमित गर्ग, मुख्य राजस्व लेखाकार जिला कार्यालय मनोज सिंह, रजिस्ट्रार कानूनगो सुरेश मारवाह, रजिस्ट्रार कानूनगो सतीश कुमार, समाज कल्याण के लिपिक फुरकान, महिला हेल्प लाइन कविता रानी, रुड़की की बाल विकास परियोजना अधिकारी जुलेखा, कनखल के पूर्ति निरीक्षक पूनम देवी, पूर्ति लिपिक मुख्यालय उषा पांडे और ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक ओम प्रकाश।------------------------------ आपदा के तहत मुस्तैद रहे अफसर: रावत हरिद्वार। जिलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि हरिद्वार प्राकृतिक मानवजनित आपदाओं की दृष्टि से अति संवेदनशील है। गर्मी और बरसात के मौसम में जिले में वनाग्नि, आंधी, तूफान, बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदाएं घटित होती रहती है। वहीं जनपद में अनेक इंडस्ट्रीज स्थापित है जहां मानवजनित दुर्घटनाओं के होने की आशंका बनी रहती है। ऐसी स्थिति में अधिकारियों, कर्मचारियों के फोन और मोबाइल स्विच ऑफ पाया जाना या फिर नंबर उपलब्ध नहीं पाया जाना गंभीर विषय है। उन्होंने सभी अधिकारियों से मुस्तैदी बरतने को कहा है।

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