[karnal] - 300 रुपये में लड़का होने की दवा देने वाली महिला के घर पर स्वास्थ्य विभाग का छापा, डाक्टरों को गलियों में घसीट-घसीट कर पीटा

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अमर उजाला ब्यूरोअसंध (करनाल)। कस्बे के गांव बाहरी में 300 रुपये में लड़का पैदा होने की दवा देने का मामला सामने आया। मामले की जानकारी मिलते ही जींद और करनाल की संयुक्त टीम ने एक महिला के घर छापेमारी की। इस दौरान ग्रामीणों ने टीम पर हमला बोल दिया। इसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम के सात लोगों को चोटें आई हैं, जिनमें डिप्टी सीएमओ करनाल भी शामिल हैं।कस्बे के गांव बाहरी में एक महिला द्वारा 300 रुपये में लड़का होने की दवाई देने की सूचना मिलने पर जींद और करनाल की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से दवाइयां भी बरामद कीं हैं। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम दवाइयों को कब्जे में लेकर कार्रवाई कर रही थी, तभी महिला के एक लड़के ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके साथ ही अन्य ग्रामीणों ने भी हमला बोल दिया, इसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम के सात लोगों को चोटें आई हैं, जिनमें डिप्टी सीएमओ करनाल भी शामिल हैं। आरोप है कि ग्रामीणों ने डॉक्टरों को गलियों में घसीट घसीट कर पीटा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किसी तरह मौके से भाग कर अपनी जान बचाई। घायल सदस्यों को असंध के सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही करनाल के एसपी सुरेंद्र भौरिया, डीएसपी असंध दलबीर सिंह, एसएचओ विरेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगभग आधा दर्जन लोगों के खिलाफ असंध थाने में शिकायत दी है, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है। करनाल के डिप्टी सीएमओ राजेंद्र सिंह और जींद के डिप्टी सीएमओ प्रभुदयाल ने बताया कि करनाल सीएमओ अश्विनी कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि असंध के गांव बाहरी में एक महिला मूर्ति देवी अपने घर पर लड़का होने की दवाई देती है। वह झाड़े का काम भी करती है। उन्होंने बताया इसके बाद सीएमओ ने एक टीम का गठन किया, जिसमें दस सदस्यों को शामिल किया गया। यह टीम जींद के डिप्टी सीएमओ प्रभुदयाल के नेतृत्व बनाई गई। टीम ने एक महिला को ग्राहक बनाकर बाहरी गांव में महिला के पास भेजा। ग्राहक बनी महिला इससे पहले दो बार बाहरी गांव में आरोपी महिला के पास गई थी, लेकिन पहले दो बार जाने के बावजूद भी आरोपी महिला ने उसे दवाई नहीं दी थी। शनिवार को ग्राहक बनी महिला तीसरी बार दवाई लेने पहुंची। इस बार आरोपी महिला ने उसे लड़का होने की दवाई दे दी और उससे तीन सौ रुपये ले लिए। इसके बाद सूचना मिलते टीम ने मौके पर छापा मारा और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।इसके बाद टीम ने दोपहर को गांव में जाकर महिला के घर जाकर छापा मारा तो मौके से लड़का देने की दवाइयां बरामद की गईं। मौके से महिला से नकदी भी बरामद की गई। टीम जब मौके पर कार्रवाई कर रही थी तभी महिला के एक लड़के ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के ऊपर हमला कर दिया। इसके बाद अन्य ग्रामीणों ने टीम के सदस्यों पर हमला कर दिया। आरोप है कि ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को गलियों में भी घसीट-घसीट कर पीटा। इस हमले में सबसे ज्यादा चोटें करनाल के डिप्टी सीएमओ राजेंद्र कुमार को आई हैं। इसके अलावा, जींद के डिप्टी सीएमओ प्रभुदयाल, डॉ. सुलेख, सुभाष, डॉ. महेंद्र कुमार, सुदेश कुमार, कृष्णा को इस हमले में चोटें आईं हैं। हमले के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इसके बाद घटना की सूचना मिलते ही करनाल के एसपी सुरेंद्र भौरिया, डीएसपी असंध दलबीभर सिंह, एसएचओ वीरेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। बिना पुलिस के क्यों पहुंची टीमयहां पर सवाल ये उठता है कि जब कोई भी स्वास्थ्य विभाग की टीम कहीं पर भी छापेमारी करने जाती है, तो उसे स्थानीय पुलिस को इसके बारे में पहले ही सूचना देनी होती है और पुलिस कर्मचारियों को साथ लेकर जाती है। लेकिन इस टीम ने न तो असंध पुलिस को पहले सूचित किया और न ही यह टीम अपने साथ पुलिस को लेकर मौके पर गई। सवाल ये है कि आखिरकार टीम अपने साथ पुलिस को क्यों नहीं ले गई? आरोपियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई : एसपीइस मामले में असंध के सामान्य अस्पताल पहुंचे एसपी सुरेंद्र भौरिया ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ जो भी हादसा हुआ है, उसमें सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। हमने असंध थाना प्रभारी विरेंद्र सिंह को मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए हैं। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

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