[lucknow] - 21 करोड़ से मोड़ी जाएगी घाघरा की धारा

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बहराइच/महसी। महसी तहसील के सात राजस्व गांव घाघरा के मुहाने पर है। इनकी आबादी लगभग एक लाख 27 हजार है। इस आबादी के साथ ही बेलहा बेहरौली तटबंध भी तीन स्थानों पर नदी के निशाने पर है।गांव और तटबंध को कटान से सुरक्षित करने के लिए लगभग 21 करोड़ का प्रस्ताव बाढ़ खंड की ओर से तैयार कर शासन को भेजा गया था। परियोजना को शासन ने हरी झंडी दी है।बजट आवंटित होने का इंतजार है। सिंचाई विभाग के मुताबिक मई के अंत तक कटान निरोधक कार्य शुरू होगा। महसी तहसील में बाढ़ और कटान की विभीषिका हर वर्ष तटबंध के उस पार बसे ग्रामीणों को बेहाल करती है।घाघरा की लहरें 15 जून के बाद लोगों को डराने लगती हैं। नदी इस समय कायमपुर, पिपरा, पिपरी, गोलागंज गांव से सटकर बह रही है।घाघरा नदी जिस रफ्तार से गांव को लीलने के लिए जलस्तर बढ़ने पर कहर बरपाती है, उसके कारण सात और राजस्व गांव निशाने पर हैं।इन गांवों की लगभग एक लाख 27 हजार की आबादी पर संकट छाया है। तीन स्थानों पर बेलहा बेहरौली तटबंध से भी नदी की दूरी महज 150 से 200 मीटर है।आबादी व तटबंध को बचाने के लिए सरयू ड्रेनेज खंड के अभियंताओं ने तीन स्पर और कटर निर्माण कर घाघरा नदी की धारा को मोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है।परियोजना को मिली हरी झंडीड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि 21 करोड़ 11 लाख की परियोजना तैयार की गई है। परियोजना को शासन को भेजा गया है।मुख्य अभियंता और मुख्यमंत्री के साथ ही तकनीकी समिति से परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। बजट आवंटन का इंतजार हो रहा है।प्रयास है कि मई के अंत तक कटान निरोधक कार्य शुरू कर दिए जाए। शासन स्तर पर प्रस्तावित फाइल का कार्य पूरा हो चुका है।इस समय पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में परियोजना की फाइल है। यहां पर विशेषज्ञों के द्वारा प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद फाइल को केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण बोर्ड को जाएगी, फिर नाबार्ड के मद से बजट दिया जाएगा।माह भर में प्रक्रिया पूरी होने पर उठे सवालघाघरा नदी का जलस्तर 15 जून के बाद निरंतर बढ़ता है। अभी कटान से बचाव की फाइल पटना के बाढ़ नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में है।इसके बाद केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण बोर्ड को भेजी जाएगी। इस प्रक्रिया में पखवारे भर से अधिक का समय लगने की उम्मीद है।ऐसे में परियोजना को कब अमली जामा पहनाया जाएगा, इस पर सवाल उठ रहे हैं। परियोजना के तहत बेलहा बेहरौली तटबंध के किलोमीटर संख्या 51.10, किलोमीटर संख्या 52.50 व किलोमीटर संख्या 53 के सामने स्पर और कटर का निर्माण कर नदी की धारा को मोड़ा जाएगा।इन गांवों पर है खतराकायमपुर, पिपरा, पिपरी, गोलागंज के अलावा, धनावा, बहदुरिया, चुरईपुरवा, मैकूपुरवा और पचदेवरी गांव ऐसे हैं जो घाघरा के निशाने पर हैं। अगर परियोजना में देरी हुई तो इन गांवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडरा सकता है। तटबंध भी असुरक्षित हो सकता है।

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