[mahoba] - इंटरसिटी एक्सप्रेस के इंजन में लगी आग, मची भगदड़

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कनकुआ (महोबा)। झांसी-मानिकपुर रेलवे ट्रैक में घुटई और हरपालपुर रेलवे स्टेशन के बीच इंटरसिटी एक्सप्रेस बर्निंग ट्रेन होने से बच गई। ग्राम बरिंडा बुजुर्ग के समीप अचानक इंजन में आग लग जाने और तेज धुआं निकलने पर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। ट्रेन में आग लगने पर यात्रियों में भगदड़ मच गई। कई यात्री कूदकर भागने लगे। भगदड़ में आधा दर्जन से अधिक लोग चुटहिल हो गए। दमकल कर्मियों ने इंजन में लगी आग बुझाई। तीन घंटे बाद झांसी से दूसरा इंजन आने पर ट्रेन को रवाना किया गया।

खजुराहो से चलकर उदयपुर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे घुटई और हरपालपुर रेलवे स्टेशन के बीच बरिंडा बुजुर्ग गांव के समीप पहुंची। तभी अचानक इंजन में आग लग गई। धुआं निकलता देख यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। चालक ने इंजन में आग देख इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। ट्रेन रुकते ही यात्री दहशत में उतरकर भागने लगे। इस दौरान यात्री रामदयाल, प्रेमा, रोहित, वीरेंद्र समेत आधा दर्जन से अधिक यात्री चुटहिल हो गए।

सूचना पर थाना महोबकंठ और हरपालपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और यात्रियों की सुरक्षा में लगी रही। सूचना पर महोबा और झांसी से दो इंजन भेजे गए। झांसी से पहुंचा इंजन करीब तीन बजे पहुंचा इंजन बदला गया। तब ट्रेन अपने गंतव्य के लिए रवाना हो सकी। जबकि दूसरा इंजन खराब इंजन को लेकर गया। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। हरपालपुर के स्टेशन मास्टर एस.एस. परिहार का कहना है कि ट्रेन में इंजन में आग लगने की सूचना मिली थी। दूसरा इंजन मंगाकर ट्रेन रवाना कर दी गई है।

इनसेट

घटना से यात्रियों के परिजन रहे परेशान

कुलपहाड़ (महोबा)। इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहे कुलपहाड़ निवासी जगदीश गुप्ता एडवोकेट व उनकी पत्नी ने बताया कि वह अन्य रिश्तेदारों के साथ बद्रीनाथ धर्मस्थान जा रहे थे। ईश्वर की कृपा से हादसा टल गया। वही कुलपहाड़ के योगेंद्र द्विवेदी की माताजी भी सफर कर रही थी। आग लगने की जानकारी से वह काफी परेशान रहे। इसी प्रकार अन्य यात्रियों के परिजन भी मोबाइल फोन से जानकारी लेते रहे। कुलपहाड़ रेलवे स्टेशन मास्टर सोम पांडे लगातार मौके पर रेलवे कर्मचारियों के संपर्क में रहे और स्टेशन पर यात्रियों की कुशलता की घोषणा कराते रहे जिससे लोगों मे घबराहट कम हुई।

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पेड़ की छांव का सहारा लेकर काटा समय

महोबा। ट्रेन के इंजन में आग लगने पर मची भगदड़ के बाद सभी यात्रियों ने सकुशल ट्रेन से बाहर निकलने पर राहत की सांस ली। तमाम यात्री ट्रैक के किनारे लगे पेड़ के नीचे बैठकर दूसरे इंजन का इंतजार करते रहे। आसपास पानी की भी व्यवस्था न होने से यात्री और उनके बच्चे भीषण गर्मी में काफी परेशान रहे लेकिन तीन घंटे बाद दूसरा इंजन आने पर यात्री गंतव्य के लिए रवाना हो सके।

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