[rudraprayag] - पहाड़ की बेटी व बहन का प्रतिनिधितव करती है नंदा: डा. भट्ट

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रुद्रप्रयाग। मां नंद के जन्म, विवाह और फिर विदाई का दृश्य, बदीरनाथ-केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को भावुक कर गया। कलाकारों के अभिनय व गायन ने श्रद्धालुओं के दिलों को छुआ। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की पहल पर पहली बार श्रीबदरीनाथ व केदारनाथ धाम के दर्शनों को पहुंच रहे देश-विदेश के श्रद्धालुओं को उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता के साथ ही यहां की संस्कृति से रूबरू कराया जा रहा है। इसी के तहत शनिवार को उत्सव ग्रुप के कलाकारों द्वारा नंदा राजजात की शानदार मनमोहक प्रस्तुति दी गई, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। जिला मुख्यालय के समीप स्थित सम्राट होटल परिसर में उत्सव ग्रुप के निदेशक डा. राकेश भट्ट के निर्देशन में कलाकारों ने नंदा राजजात नृत्य नाटिका का मंचन किया गया। साहित्यकार डा नंदकिशोर हटवाल की ओर से रचित नंदा राज जात पर आधारित गीत नाट्य में नंदा के जन्म, उनके विवाह, फिर विदाई और कैलास में उनके नाराज होने की कथा को दिखाई गई। पंकज नैथानी, गणेश डिमरी, हरीश पुरी, शीशपाल रावत, दीपक नेगी, मुकेश नेगी, राखी धनाई, उपासना सेमवाल, भावना भट्ट, लक्षमण नेगी, अर्जुन रावत, पवन जोशी, अक्षिता रावत आदि कलाकारों के अभिनय और संवाद अदायगी के साथ नंदा पर आधारित गीतों के गायन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर डा. भट्ट ने बताया नंदा राजजात उत्तराखंड का एक महा सांस्कृतिक कुंभ है, जो वैश्विक धरोहर है। उन्होंने नंदा से आमजन की जुड़ी भावना और लोक मान्यताओं का हवाला देते हुए भी नंदा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा नंदा मूलत: पहाड़ की बेटी या बहन का प्रतिनिधित्व करती है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डीएम मंगेश घिल्डियाल, पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा, साहसिक खेल अधिकारी सुशील नौटियाल ने कहा कि इस तरह के पौराणिक नृत्य नाटिकाओं के मंचन का मुख्य उद्देश्य, चारधाम यात्रा पर आ रहे देश-विदेश के लोगों को उत्तराखंड और सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों से अवगत कराना है। इस मौके पर काफी संख्या में यात्री/पर्यटक और अन्य स्थानीय लोग मौजूद थे।

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