[sitapur] - सूचना पर ध्यान दिया होता, तो न जाती कासिम की जान

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तालगांव में बकरी को निवाला बनाने के बाद एक स्थानीय नागरिक ने तुरंत 100 नंबर डायल कर दी थी सूचनासीतापुर। तालगांव के भगौतीपुर में हुई घटना जिम्मेदारों की लापरवाही का नतीजा है। अगर एक सूचना पर समय रहते जिम्मेदारों ने ध्यान दिया होता तो शायद मासूम कासिम की जान न जाती। हालांकि घटना के बाद जब इसकी शिकायत अधिकारियों को मिली, तब अधीनस्थों को फटकार से नवाजा गया। बता दें कि तालगांव के भगौतीपुर में घटना को अंजाम देने से पहले आदमखोर कुत्तों ने तालगांव क्षेत्र के ही सिंघनियां गांव के नंदराम की बकरी को निवाला बनाया। तब गांव के ही रजनीश शुक्ला ने 100 नंबर डायल कर सूचना पुलिस को दी थी। रजनीश की माने तो उस दौरान नंबर रिसीव करने वाले पुलिसकर्मी ने जो जवाब दिया उससे मायूसी हाथ लगी। रजनीश के मुताबिक, जब उसने सूचना दी कि उसके गांव में आदमखोर कुत्तों ने हमला किया है, एक बकरी को निवाला बना चुके हैं। आगे कहीं जाकर वे और घटना कर सकते हैं। तब उधर से जवाब मिला कि पशुपालन विभाग व नगर निगम को जानकारी दें। इस कॉल के एक घंटे के बाद आदमखोर कुत्ते तालगांव क्षेत्र के ही भगौतीपुर गांव पहुंच गए। यहां पर कुत्तों ने जाबिर के पुत्र कासिम को अपना निवाला बना डाला।कासिम की मौत के बाद जब डीएम शीतल वर्मा व एसपी आनंद कुलकर्णी पहुंच गए, तब वहां पहुंचे रजनीश शुक्ला ने पूरी बात बताई। यह सुनने के बाद दोनों अधिकारी अधीनस्थों पर बरस पड़े। अधिकारियों ने अधीनस्थों को फटकार लगाते हुए अलर्ट न रहने का कारण पूछा। वहीं तत्काल पूरे क्षेत्र में मैसेज करने को कहा।

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