[unnao] - 50 दिन बाद महिला के दफन शव को खुदवाकर कराया पोस्टमार्टम

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उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र के दयालखेड़ा गांव में 50 दिन पहले गांव के ही एक क्लीनिक में इलाज के दौरान गर्भवती महिला की मौत के मामले को कोर्ट ने संज्ञान में लिया है। कोर्ट के आदेश पर शनिवार को पुलिस ने शुक्लागंज स्थित गंगातट पर दफन महिला के शव को खुदवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस दो डाक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम करा रही है। महिला की मौत के बाद पति ने आरोपी महिला डाक्टर पर मुकदमा दर्ज कराया था। पोस्टमार्टम के लिए उसने डीएम से लेकर सीएम तक प्रार्थनापत्र दिए थे, इन पर सुनवाई नहीं हुई। आखिर में पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जमीन में दफन शव को बाहर निकलवाया।

सदर कोतवाली के दयालखेड़ा निवासी अंगनू की पत्नी सन्नो तीन माह की गर्भवती थीं। 12 मार्च 2018 को पेट में दर्द होने पर परिजन उसे गांव के ही एक क्लीनिक लेकर गए थे। यहां इलाज के दौरान सन्नो को रक्तस्राव शुरू हो गया था। इलाज कर रहीं गांव की ही डाक्टर ओमवती पत्नी रामभजन ने रक्तस्राव नियंत्रित करने की कोशिश की। मामला बिगड़ता देख ओमवती शहर के एक नर्सिंगहोम लाईं। नर्सिंगहोम के डाक्टर ने इलाज से इनकार करते हुए कानपुर ले जाने की सलाह दी थी। परिजन ओमवती के साथ पीड़िता को कानपुर के एक नर्सिंगहोम ले गए थे। यहां चार घंटे इलाज के बाद डाक्टर ने कानपुर हैलट के लिए रेफर कर दिया। 15 मार्च की सुबह सन्नो की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनाें ने शव शुक्लागंज तट पर शव दफना दिया था। बाद में महिला डाक्टर की लापरवाही से मौत की बात सामने आने पर पति ने मगरवारा चौकी में तहरीर दी। चौकी इंचार्ज ने डाक्टर पक्ष की बात सुनकर रिपोर्ट लगा दी थी। न्याय न मिलता देख पीड़ित 29 मार्च को एसपी कार्यालय पहुंचा। यहां सीओ को प्रार्थनापत्र दिया था। सीओ के निर्देश पर महिला डाक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद भी शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। पीड़ित ने डीएम से लेकर सीएम तक प्रार्थनापत्र दिया। कार्रवाई नहीं हुई। न ही महिला डाक्टर को गिरफ्तार किया गया। 5 अप्रैल पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर शनिवार को पुलिस ने महिला के दफन शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। यहां दो डाक्टरों के पैनल में जिला अस्पताल के डाक्टर मो. अहमद व डाक्टर पवन ने शव का पोस्टमार्टम किया।

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विसरा व डीएनए सुरक्षित

महिला का शव सड़ा हुआ था। इससे पोस्टमार्टम के बाद भी हकीकत सामने नहीं आ पाई। मामला कोर्ट का होने से विसरा व डीएनए सुरक्षित किया गया है। दोनों को जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जाएगा।

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