[varanasi] - चिकित्सकों की कमी से मरीजों का नहीं हो पा रहा है उपचार

  |   Varanasinews

जौनपुर। सरकारी अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। चिकित्सालयों में लगभग एक तिहाई जगहें खाली हैं। जिन डॉक्टरों की तैनाती भी है, उनमें से कई प्राइवेट प्रैक्टिस में ही व्यस्त रहते हैं। वे अपने तैनाती वाले अस्पताल में रहते ही नहीं हैं। ऐसे में सबके स्वास्थ्य की कल्पना बेमानी है। मरीज प्राइवेट अस्पतालों में अपना उपचार कराने को विवश हो रहे हैं, जहां उन्हें अधिक धन चुकाना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में सफल नहीं हो पा रहा है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अस्पतालों में डाक्टर कम हैं। जिला पुरुष व महिला चिकित्सालय सहित 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 73 एडीशनल पीएचसी है। इन अस्पतालों में कुल 316 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, जिसमें मात्र 207 चिकित्सक ही तैनात हैं। जिले में कुल 109 चिकित्सकों की कमी है। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधाएं नहीं होने के कारण मरीजों को जिला चिकित्सालयों में रेफर किया जाता है लेकिन वहां हालत और खराब है। जिला स्तरीय चिकित्सालयों में 48 डाक्टर होने चाहिए लेकिन महज 26 ही हैं। इसमें भी तमाम चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस में लगे हैं। अस्पतालों की आपातकालीन सेवाओं को सुचारु रखना ही बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद निजी अस्पतालों में इलाज महंगा होने के कारण तमाम मरीज सरकारी अस्पताल पहुंचते हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 700 से 800 मरीज इलाज के लिए आते हैं। सभी सीएचसी, पीएचसी व एडीशनल पीएचसी पर भी उपचार कराने के लिए मरीजों की भीड़ लगी रहती है। चिकित्सकों की कमी के कारण उन्हें समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। निजी चिकित्सालयों में इलाज महंगा है और सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं कम हैं, इसका फायदा झोला छाप उठाते हैं। वे मनमाने तरीके से दवाएं देकर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य महकमा न तो अपनी हालत दुरुस्त कर रहा है और न ही उन पर नियंत्रण का प्रयास ही ठीक से कर पा रहा है। चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। हालांकि जिन अस्पतालों पर चिकित्सक नहीं है। उनको उनके पास वाले अस्पतालों पर तैनात चिकित्सक से संबद्ध किया गया है। चिकित्सकों की कमी पूरा करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।-डा.ओपी सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/kcpXJAAA

📲 Get Varanasi News on Whatsapp 💬