[varanasi] - जितिन प्रसाद को सुमुख विनायक के दर्शन नहीं करने दिए0

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वाराणसी। काशी आए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को मंदिर प्रशासन ने शनिवार को सुमुख विनायक के दर्शन करने से रोक दिया। पुलिस वालों ने उन्हें मंदिर में जाने की अनुमति ही नहीं दी। पुलिस का कहना था कि बिना पूर्व अनुमति के वह मंदिर में दर्शन नहीं कर सकते। मंदिर प्रशासन के इस रवैये के खिलाफ साथ चल रहे लोगों ने विरोध जताया पर जितिन वहां से चले गए।शनिवार की सुबह काशी विश्वनाथ मंदिर का दर्शन करने पहुंचे पूर्व मंत्री ने धरोहर बचाओ समिति के साथ सरस्वती फाटक, नीलकंठ इत्यादि इलाकों का भ्रमण कर जानकारी ली। उन्होंने विश्वनाथ कॉरिडोर व गंगा पाथ वे के लिए गिराए जा रहे मंदिरों और प्राचीन भवनों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान धरोहर बचाओ समिति के पदाधिकारियों, विशालाक्षी मंदिर के महंत राजनाथ तिवारी, विश्वनाथ मंदिर के मंहत परिवार के सदस्य राजेंद्र तिवारी बबलू, कृष्णकुमार शर्मा, राज कपूर आदि ने उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। समिति के लोगों ने समस्याओं से संबंधित पत्रक भी सौंपा। जितिन ने कहा कि समिति का पत्रक राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को दिया जाएगा। उन्हें वास्तविक स्थिति से भी अवगत कराया जाएगा। बाद में उन्होंने संकट मोचन मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया।

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