[mirzapur] - आसमान से बरस रही आग, झुलस रहा शरीर

  |   Mirzapurnews

मिर्जापुर। भयंकर गर्मी व उमस के साथ ही आसमान से बरस रहे अंगारे के बीच खुले आसमान के नीचे अब किसी का घर से बाहर निकलना दुश्वार हो गया है। मई माह के प्रथम सप्ताह के अंत से पहले ही गर्मी का यह रुप देख हर कोई सकते में देखा जा रहा है। गर्मी का आलम यह कि सुबह आठ बजा ही धरती का तपना शुरु हो जा रहा है। दस बजे तो आसमान से जैसे अंगारे ही बरस रहे हैं। बदन पर पड़े कपड़े जैसे जल रहे हों। रविवार को गर्मी का असर पिछले दिनों की अपेक्षा कुछ ज्यादा ही रही। खुले आसमान के नीचे निकलने से पहले हर कोई धूप में चलने से परहेज कर रहा है। यदि निकलना बहुत ही जरुरी है तो वह सिर से लेकर पैर तक बदन ढक कर ही निकल रहा। यह गनीमत कि अभी लू नहीं चल रहा पर चढ़ उतर रहे पारे पर नजर डाले तो रविवार का पारा न्यूनतम 27 और अधि तम 43 डिग्री सेल्सियस आंका गया। धूप के कारण जहां चिढ़ियों का कोलाहल थम सा गया वहीं पशु-पंछी छावं व किसी ओट में दुबके देखे गए। तेज धूप के कारण लोगों का गला सूख रहा, हर कोई गला तर करने के लिए ठंडे पानी की तलाश कर रहा। भयंकर गर्मी व तपती धरती के बीच जहां तरल व ठंडे पदार्थो की बिक्री बढ़ सी गयी वहीं धूपी चश्मा, गमछा व छाता बेचनें वालों की तो जैसे चांदी ही कट रही है। तप रहे धरती के बीच घर से निकलने से पहले हर कोई सोंच रहा। अधिकांशत: लोग ठंडे-ठंडे में घरों से निकलने में ही अपनी भलाई समझ रहे। तपती धरती व आसमान से बरसते आग को लेकर लोगों का मनाना है कि अभी तो माह का प्रथम सप्ताह है पूरा मई व जून बाकी हैं।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/SXp2IgAA

📲 Get Mirzapur News on Whatsapp 💬