[rohtak] - हैफेड इंस्पेक्टर ने मिट्टी दिखाकर जब गेहूं से लदा ट्रक लेने किया इंकार

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हैफेड इंस्पेक्टर ने मिट्टी दिखाकर गेहूं लेने किया इनकार आढ़तियों ने गोदाम का गेहूं दिखाकर पूछा, यह कैसे किया पास - सांघी मंडी से आए किसानों ने सुखपुरा में काटा हंगामा, हैफेड इंस्पेक्टर के साथ हुई झड़प, हंगामे के बाद फेल किए गए 12 ट्रक कर दिए पास अमर उजाला ब्यूरोरोहतक। सांघी मंडी से आया गेहूं पास नहीं करने पर आढ़तियों ने सुखपुरा चौक पर हैफेड के गोदाम पर हंगामा कर दिया। चार से पांच दिन तक गेहूं से लगे ट्रक खड़े थे, जिन्हें रविवार को हैफेड ने मिट्टी और रेत मिला बताकर पास करने सके इंकार कर दिया। आढ़तियों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने हंगामा कर दिया। इस पर आढ़ती गोदाम में घुस गए और हैफेेड की ओर से पहले पास किए गए गेहूं में ही मिट्टी दिखाकर इंस्पेक्टर से पूछ लिया कि अगर उनके गेहूं फेल कर दिया गया है तो यह गोदाम में रखा गेहूं कैसे पास कर दिया गया। हंगामा बढ़ता जा रहा था, जिस पर हैफेड इंस्पेक्टर ने पुलिस बुला ली। आढ़तियों ने पूरे मामले में उपायुक्त रोहतक से मुलाकात करने की बात की और मौके से चले गए। रविवार की सुबह सांघी मंडी से करीब 20 से 25 आढ़ती सुखपुरा चौकी स्थित हैफेड के गोदाम पहुंच गए। आढ़तियों का गेहूं हैफेड ने लेने से इंकार कर दिया था। हैफेड का कहना था कि गेहूं में मिट्टी और रेत मिलाए जाने के साथ ही नमी भी है। इसके साथ ही गेहूं से लदे ट्रकों को सांघी मंडी वापस भेज दिए गया। आढ़ती अपने साथ हैफेड की ओर से पास नहीं किया गया गेहूं भी लेकर पहुंचे थे। गोदाम पर मौजूद हैफेड इंस्पेक्टर के साथ आढ़तियों की नोंकझोंक हो गई। इस पर हैफेड इंस्पेक्टर ने आढ़तियों की बोरी से गेहूं निकालकर उसमें रेत दिखा दी। इस पर आढ़तियों ने बाकी गेहूं बोरी भी खोल दी, जिसमें रेत नहीं निकलीं। आढ़तियों का कहना था कि एक बोरी की वजह से पूरा ट्रक पास नहीं करना गलत है। इस पर हैफेड इंस्पेक्टर ने एक और रिजेक्ट किए गए ट्रक से गेहूं लिया, जिसमें कुछ कंकड़ निकले। इसके बाद दोनों पक्षों में नोंकझोक बढ़ गई। इस पर सभी आढ़ती हैफेड के गोदाम में पहुंच गई और वहां भी गेहूं निकालकर दिखा, जिसमें कंकड़ और मिट्टी निकल आई। इस पर झड़प बढ़ गई, जिसके बाद हैफेड इंस्पेक्टर की ओर से पुलिस बुला ली गई, हंगामा किसी तरह शांत हुआ और आढ़तियों को लौटाया गया। - कई दिन तक गोदाम में खड़ा कर रखे जाते हैं ट्रक, फिर कर देते हैं रिजेक्ट आढ़तियों और हैफेड अधिकारियों के बीच में गेहूं को लाने और ले जाने वाले ट्रक ड्राइवर पिस रहे हैं। ट्रक चालकों ने बताया कि तीन से चार दिन तक हैफेड के गोदाम में ट्रक लेकर खड़े रहते और बाद में गेहूं रिजेक्ट कर दिया जाता है, इसके बाद आढ़ती भी गेहूं रिजेक्ट होने पर किराया देने में आनाकानी करते हें। ट्रक ड्राइवर पवन ने बताया कि दो दिन में एक चक्कर लगता है, लेकिन गेहूं में खराबी बताकर उसके वापस कर दिया जाता है, इससे परेशानी होती है।- आढ़ती बोले, हंगामे के बाद एक ट्रक को छोड़कर बाकी ट्रक गेहूं किए गए पास आढ़ती धर्मपाल ने बताया कि अब तक उनके तीन ट्रक हैफेड वापस भेज चुका है। मिट्टी मिला गेहूं बताकर उसे लेने से इंकार कर दिया जाता है, जबकि हैफेड के पास गेहूं में भी मिट्टी मिली है। आढ़तियों को सिर्फ परेशान किया जा रहा है। आढ़ती नरेंद्र ने बताया कि करीब 12 से 13 गेहूं के ट्रक रिजेक्ट किए गए थे, हंगामे के बाद एक ट्रक को छोड़कर बाकी ट्रकों को पास कर दिया गया। इंसेट: बोले इंस्पेक्टर गेहूं को रिजेक्ट करने के कई कारण होते हैं। जो गेहूं सरकार के मानकों को खरा नहीं उतरना है, सिर्फ उसे भी वापस भेजा जाता है। आढ़तियों को पहले ही बता दिया गया था कि गेहूूं में तय मानकों के अनुरूप ही नमी होनी चाहिए, उसके अधिक नमी होने पर गेहूं स्वीकार नहीं किया जाएगा, इसके साथ ही साफ गेहूं ही बोरियों में भरे जाने के लिए निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन गेहूं के मानकों पर खरा नहीं उतने पर ही उसे रिजेक्ट किया जाता है। - हैफेड गोदाम से रेत निकालकर बाहर लगाए जा रहे ढेरएक ओर हैफेड इंस्पेक्टर और आढ़तियों के बीच हंगामा हो रहा था, वहीं दूसरी ओर हैफेड के गोदाम से मिट्टी और रेत निकालकर एक महिला बाहर ढेर लगा रही थी। इससे साफ जाहिर था कि गोदाम में रखे पास किए गए गेहूं में रेत और मिट्टी मिली आ रही है। -

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