👉 अमित शाह से जुड़े 10 तथ्य - नहीं है मीडिया 🎥 से बात करना पसंद, लेकिन कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा आगे👍

  |   समाचार

अमित शाह का नाम आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है।इन्हें दोबारा भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष चुना गया है। ये गुजरात के गृहमंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी के महासचिव रह चुके हैं। इन्हें भाजपा का आधुनिक चाणक्य माना जाता हैं। शाह की जटिल रणनीति के पीछे उनका तेजतर्रार बिज़नस माइंड है जो कि लाभ-हानि का गहरा विश्लेषण करता है। शाह अपनी सफलता का कारण अपने दृढ़निश्चयी स्वभाव को मानते हैं। शाह ने 1989 से लेकर आज तक 42 से अधिक छोटे-बड़े चुनाव लड़े, जिनमें एक में भी वो नहीं हारे।अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में एक व्यापारी के घर हुआ था। आज हम कुछ ऐसी बातें बताएंगे जिनसे ज्यादातर लोग अनजान हैं।

♦️ अपनी 6 बहनों के बीच अमित शाह एकलौते भाई हैं। व्‍यक्तिगत जीवन में ये पूरी तरह से अपनी पत्नी सोनल और पुत्र जय पर आश्रित रहते हैं। शाह और उनकी पत्नी भगवान सोमनाथ के परम भक्त हैं। और इसलिए शाह सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के साथ जुड़े भी हैं। जिसे वो अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि समझते हैं। शाह का पैतृक घर अहमदाबाद के मनसा इलाके में है और खास बात यह है कि इसे हेरिटेज बिल्डिंग में शामिल किया है।

♦️ ये गुजरात के एक रईस परिवार से ताल्लुक रखते हैं। इन्‍होंने बायोकेमिस्ट्री में बीएससी डिग्री ली हुई है। राजनीति में आने से ये पहले प्लास्टिक और पीवीसी पाइप का व्‍यापार करते थे। इसके अलावा अमित शाह एक स्टॉक ब्रोकर भी रह चुके हैं। स्टॉक ब्रोकर के रूप में काम करते वक्त वो भाजपा से जुड़े और लालकृष्‍ण आडवाणी के करीब आए।

♦️ शाह और नरेंद्र मोदी का साथ 1982 से है, जब दोनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए थे। उस समय शाह की उम्र 17-18 वर्ष और मोदी 30 वर्ष के थे। वे बहुत सामाजिक व्यक्ति नहीं है।वो नपी तुली, सीधी बात करना और कड़ी मेहनत पसंद करते हैं। शाह मीडिया को पसंद नहीं करते हैं, खासकर टेलीविजन मीडिया को। पत्रकारों के फोन भी कम लेते हैं। लेकिन जब कार्यकर्ताओं की बात आती है, तो उनसे बात करने के लिए वो तत्पर रहते हैं।

♦️ भगवान शिव में अगाध आस्था रखने वाले अमित शाह ज्योतिष में भी गहरा विश्वास करते हैं। उनका मानना है कि वर्ष 2010 में जब वो जेल गये तो उनके बुरे ग्रह चल रहे थे। वो मानते थे कि जून 2016 के बाद उनका समय अच्छा रहेगा।

♦️ गांधीवाद में विश्वास रखने वाली अपनी माँ की प्रेरणा से अमित शाह खादी पहनने लगे। इस नियम पर अमित शाह आज भी कायम हैं। उनकी मां कुसुम बा ने उन्हें विरासत के तौर पर लाइब्रेरी दी थी जिसमें बाइबल, कुरान समेत हजारों किताबें मौजूद हैं।

♦️ उनकी इमेज कट्टर हिंदू की है लेकिन कम लोगों को पता है कि अहमदाबाद के कई प्रतिष्ठित मुस्लिम परिवारों से शाह का अच्छा सम्बन्ध है। कई मुस्लिम उनके करीबी मित्र हैं, पर वो सार्वजनिक रूप से इसकी चर्चा नहीं करते।

♦️ शतरंज के अच्छे खिलाड़ी अमित शाह खाली समय में शतरंज खेलना और शास्त्रीय संगीत सुनना पसंद करते हैं। अपने कॉलेज दिनों में अमित शाह रंगमंच में गहरी रूचि रखते थे और उन्होंने कई प्ले में अभिनय किया था।

♦️ 2006 में शाह गुजरात स्टेट चैस ऐसोसिएशन के चेयरमैन बने और उन्होंने अहमदाबाद के सरकारी स्कूलों में शतरंज को शामिल किया। अमित शाह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के वाइस-चेयरमैन और अहमदाबाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ क्रिकेट के चेयरमैन भी रह चुके हैं।

♦️ शाह को डायरी लिखने की आदत है जो कि उन्हें विश्व हिंदू परिषद की राजनीतिक पारी की शुरुआत से लगी थी। तब से अब तक वे डायरी लिख रहे हैं।
♦️ उन्हें जब गुजरात स्टेट फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड का चेयरमैन बनाया गया, तो इस पद को संभालने वाले वो सबसे युवा व्यक्ति थे। बाद में वो अहमदाबाद डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेविट बैंक के चेयरमैन भी बने।

फोटो के लिए - http://v.duta.us/oIZwUwAA

📲 Get समाचार on Whatsapp 💬