👉 लव जिहाद मामले में सुप्रीम कोर्ट🏛️ सख्त, कहा-लड़की को कोर्ट में पेश करो

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उत्तराखंड के एक 'लव जिहाद' का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। लड़का जेल में बंद है और उसने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा है कि उसकी पत्नी को पेश किया जाए और उसके हवाले किया जाए। लड़का मुस्लिम है और उसने हिंदू लड़की से भागकर निकाह किया था। अर्जी में दावा किया गया है कि दोनों प्यार करते थे और निकाह किया। लेकिन लड़की के घरवालों ने उस पर अपहरण का केस दर्ज कराया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और लड़की को उसके पैरंट्स के पास भेज दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को लड़की को कोर्ट के सामने पेश करने का आदेश दिया है ताकि उसका पक्ष जाना जा सके।

दानिश नाम के लड़के की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा गया है कि लड़की के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन हो रहा है उसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाए। चूंकि लड़की ने मुस्लिम धर्म अपनाकर उसके साथ निकाह किया है ऐसे में उन दोनों का अधिकार है कि वह पति-पत्नी की तरह रहें लिहाजा लड़की को उसके हवाले किया जाए।

याचिका में कहा गया है कि मुख्य सवाल यह है कि क्या अलग-अलग धर्म के लोग शादी करते हैं तो उन्हें साथ रहने से क्या रोका जा सकता है? याचिकाकर्ता की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया है वह और लड़की दोनों साथ-साथ भीमताल से बीबीए कर रहे थे। दोनों में प्यार हुआ और दोनों 18 अप्रैल को शादी के लिए दिल्ली आ गए। यहां लड़की ने धर्म बदलकर निकाह किया। अगले दिन 19 अप्रैल को निकाह गाजियाबाद में रजिस्टर्ड कराया गया। इसी दौरान लड़की के घर वालों ने याचिकाकर्ता के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया। इस मामले में याचिकाकर्ता लड़के और उसकी मां को गिरफ्तार किया गया।

सुनवाई के दौरान उत्तराखंड पुलिस की ओर से डेप्युटी ऐडवोकेट जनरल मनोज गुरुकेला ने अदालत को बताया कि मामले में निकाहनामा और धर्म परिवर्तन से संबंधित दस्तावेज के साथ जालसाजी की गई है। लड़की ने बयान दिया था कि वह पैरंट्स के साथ रहना चाहती है तभी उसे भेजा गया है। मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने लड़की को पेश करने को कहा है।

फोटो के लिए देखें- http://v.duta.us/yYr4lQAA

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