[roorkee] - कोटिकरण का तेज होता विरोध, कोर्ट जाने की चेतावनी

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रुड़की। कोटिकरण का विरोध तेज हो गया है। रविवार को शिक्षक संघ और शिक्षकों की बैठक में जिले के 98 फीसदी स्कूलों को सुगम घोषित करने पर रोष जताया। बैठक में आंदोलन की रणनीति तैयार करते हुए शिक्षकों ने आज सोमवार को इसके विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन देने का फैसला लिया। साथ ही चेतावनी दी यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो वह कोर्ट जाने से पीछे नहीं हटेंगे। शिक्षा विभाग में इन दिनों कोटिकरण का मुद्दा छाया हुआ है। रविवार को इसको लेकर जीआईसी रुड़की में राजकीय शिक्षक संघ की बैठक हुई। इसमें बताया गया कि विभाग की ओर से सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से एक प्रपत्र भरवाया गया था। जिसके आधार पर गुणांक देते हुए स्कूलों को दुर्गम और सुगम घोषित किया जाना था, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने जिले के करीब सभी 100 स्कूलों में से दो को छोड़कर 98 स्कूलों को सुगम घोषित कर दिया। मात्र दो स्कूलों को दुर्गम रखा गया है। जब इस बाबत सीईओ से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि शासन स्तर से जिले के स्कूलों को सुगम घोषित करने के निर्देश मिले थे। उसके आधार पर ही कोटिकरण किया गया है। बैठक में शामिल संघ पदाधिकारियों एवं शिक्षकों ने विभाग के इस फैसले को गलत बताया। फैसला लिया कि इस बाबत सोमवार को जिलाधिकारी दीपक रावत को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें जिलाधिकारी से कोटिकरण को सही करने की मांग की जाएगी। साथ ही चेतावनी दी यदि इसके बाद भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। पूर्व जिलाध्यक्ष जगपाल सिंह ने बताया कि शिक्षक संघ अपनी मांगों को लेकर कोर्ट जाने से पीछे नहीं हटेगा। बैठक में पूर्व जिलाध्यक्ष जगपाल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष उत्तम शर्मा, मंत्री रविंचद्र, पूर्व जिलाध्यक्ष बालेश सिंह, हरेंद्र सैनी, अवधेश शर्मा, अरुण खेर, संदीप सिंह, उत्तराखंड एजूकेशन मिनिस्ट्रीयल ऑफिसर्स एसोसिएशन हरिद्वार के जिला अध्यक्ष विपिन कुमार, कुलदीप कसाना, गजेंद्र सिंह, सुबोध, मनोज शर्मा, श्यामवीर राठी, कालीचरण यादव, सुबिस्ता चौहान, रीतू चौहान, मीनू सैनी, सोनिया और कृष्णपाल चौहान आदि मौजूद रहे।

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