[saharanpur] - सहारनपुर के रायपुर में माहौल बिगाड़ने की कोशिश, राजपूतों के घरों पर जय भीम लिखा

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सहारनपुर के सरसावा में ठाकुर बहुल गांव रायपुर में शरारती तत्वों ने एक बार फिर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। गांव में राजपूतों के मकानों की दीवारों पर जय भीम के नारे लिख दिए गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस गांव में पहुंची। लोगों ने पुलिस से मामले का खुलासा कर आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। राजपूत और दलित समाज के लोगों ने भी मामले को तूल नहीं देने का निर्णय लिया और माहौल बिगाड़ने की साजिश को नाकाम कर दिया। चार माह पहले भी गांव इसी तरह की कोशिश हुई थी और दलितों के मकानों पर जय श्रीराम लिख दिया था। तब भी दोनों समाज के लोग सौहार्द बनाए रखने के लिए आगे आए थे। दोनों समाज के लोग जय भीम और जय श्रीराम लिखे जाने को गलत नहीं मानते, लेकिन जिस तरह रात में यह लिखा जा रहा है, वह गलत है।

ग्राम रायपुर में रविवार को दिन निकलने के बाद लोग जैसे ही अपने घरों से निकले तो राजपूत समाज के लोगों के करीब एक दर्जन मकानों की दीवारों पर नीले रंग से जय भीम के नारे लिखे हुए देखे। कुछ ही देर में दीवारों पर लिखे नारों की सूचना पूरे गांव में फैल गई। गांव में हंगामा मच गया। गांव के लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा। मामला बढ़ता इससे पूर्व ही गांव के गण्यमान्य लोगों ने आगे बढ़कर इसे किसी शरारती तत्व की करतूत बताते हुए ग्रामीणों को शांत किया।

सूचना पर गांव में पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी ली। उन्होंने दीवारों पर लिखे गए नारों की फोटोग्राफी कराई। पुलिस ने लोगों से बातचीत भी की और गांव में शांति बनाए रखने की अपील की। कुछ दीवारों से नारे को हटवाया भी गया है। ग्राम प्रधान पति दिनेश राणा और भाजपा नेता

जसरथ राणा ने गांव के आक्रोशित युवकों को शांत करते हुए कहा कि कुछ बाहरी तत्व गांव की फिजां बिगाड़ने पर आमादा है, गांव के लोग लड़ बैठे तो उनका मंसूबा पूरा हो जाएगा। ऐसे में पूरे गांव को एकजुट होकर रहना होगा। दलित पक्ष के अजब सिंह ने कहा कि शरारती तत्वों की ये बेहद घटिया और उकसाने वाली हरकत है जिससे पूरे गांव को सावधान रहना होगा। जसरथ राणा ने कहा कि गांव में पहले कभी जाति बिरादरी का संघर्ष नहीं हुआ और आगे भी नहीं होगा। गांव के दलजीत राणा ने कहा कि जय श्रीराम या जय भीम लिखने में कुछ गलत नहीं है, लेकिन रात में लिखा जाना आपत्तिजनक है, इससे शरारती तत्व की मंशा का पता चलता है। किसी को जय भीम लिखना है तो दिन में लिखे। उन्होंने कहा कि ऋषि मुनि अथवा कोई महापुरुष किसी जाति बिरादरी की बपौती नहीं होते है, वरन वे तो सर्व समाज के आदर्श होते हैं। गांव के पूर्व प्रधान संदीप राणा, विक्की, जितेंद्र राणा, सत्यपाल, भूपेंद्र ने कहा कि वे शरारती तत्वों की किसी चाल को सफल नहीं होने देंगे।

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